नई दिल्लीl भारत के थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर, भारतीय सेना की मौजूदा सैन्य तैयारियों और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर बड़ा और अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का पराक्रम यह स्पष्ट करता है कि देश किसी भी जटिल और गंभीर सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम, सतर्क और तत्पर है। सेना की रणनीति और सोच पूरी तरह स्पष्ट है और राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की रणनीतिक स्पष्टता और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को दुनिया के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संदेश साफ तौर पर दिया गया कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जारी रहेगा।
देश की उत्तरी सीमा पर मौजूदा हालात को लेकर थल सेना प्रमुख ने कहा कि फिलहाल स्थिति स्थिर बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा बलों का लगातार सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सेना पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेना और आम नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में धीरे-धीरे हालात में सुधार हो रहा है।
चीन से लगती सीमा पर सुरक्षा स्थिति को लेकर भी जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चीनी सीमा पर भारतीय सेना की तैनाती संतुलित, मजबूत और पूरी तरह सक्षम है। सेना हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
थल सेना प्रमुख ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को अत्यंत सटीकता और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने बीते वर्ष 6 और 7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। करीब 22 मिनट तक चली इस कार्रवाई में पाकिस्तानी आतंकियों के नौ ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह ध्वस्त किया गया था। इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकियों के मंसूबों को नाकाम किया, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति और निर्णायक क्षमता को भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।





