शाहजहांपुर: सरकारी दवाओं के गबन के बहुचर्चित मामले में आखिरकार 20 महीने बाद कार्रवाई आगे बढ़ी है। प्रभारी मंत्री की सख्ती के बाद शुक्रवार को आरोपी फार्मासिस्ट जुबैर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हालांकि, अब भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस समय दवाओं से भरी पिकअप पकड़ी गई थी, उस दौरान स्टोर इंचार्ज रहे चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल पर कार्रवाई कब होगी।
जानकारी के अनुसार, सरकारी दवाओं से लदी पिकअप पकड़े जाने के समय स्टोर की पूरी जिम्मेदारी जेडी बंसल के पास थी। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। सूत्रों का कहना है कि बीते करीब दो वर्षों तक स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कथित मेहरबानी से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले हुई समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री ने इस प्रकरण पर कड़े सवाल उठाए थे।
इसके बाद ही पूरे मामले में हलचल तेज हुई और उसी का परिणाम रहा कि शुक्रवार को आरोपी जुबैर अली की गिरफ्तारी हो सकी। गिरफ्तारी के अगले ही दिन शनिवार को चीफ फार्मासिस्ट जेडी बंसल के ड्यूटी पर न पहुंचने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि विवेचना अभी जारी है और सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि घटना को 20 महीने बीत जाने के बावजूद विवेचना अब तक पूरी नहीं हो पाई है। चौक कोतवाली पुलिस का कहना है कि जेडी बंसल के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रभारी मंत्री की सख्ती महज एक गिरफ्तारी तक सीमित रहती है या फिर गबन के इस मामले में मुख्य जिम्मेदारों तक भी कानून का शिकंजा कसता है। फिलहाल पूरे प्रकरण पर जनता की नजरें टिकी हुई हैं।


