कौशांबी
भूमि विवादों को तेजी से निपटाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि “मौके पर समाधान, जनता को राहत” अभियान के तहत गांवों में शिविर लगाकर विवादों का निस्तारण ग्राम स्तर पर ही किया जाए।
इस अभियान के तहत प्रत्येक तहसील में सबसे अधिक विवाद वाले 10-10 गांवों को चिन्हित किया जाएगा। इन गांवों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे शिविरों में स्वयं उपस्थित रहें और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान पर ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में विवाद दोबारा न उभरें।
इसी क्रम में बुधवार को अलग-अलग तहसीलों के गांवों में शिविर लगाए गए। मंझनपुर तहसील के ग्राम ऊनो, सिराथू के ग्राम अफजलपुरवारी और चायल तहसील के ग्राम परसरा में राजस्व निस्तारण शिविर आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
परसरा गांव में आयोजित शिविर में कुल 6 भूमि विवाद के मामले सामने आए। प्रशासन ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर भेजने का निर्णय लिया है, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन कर निष्पक्ष समाधान किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल वर्तमान विवादों को सुलझाना है, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को बढ़ने से रोकना भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाधान के बाद भी कोई पक्ष विवाद को बढ़ाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


