फर्रुखाबाद। खिनमिनी ग्राम में शनिवार को अखिल भारतीय
किसान सभा का ९०वां स्थापना दिवस जोरदार और भावनाओं से ओतप्रोत तरीके से मनाया गया। सुबह कार्यक्रम की शुरुआत भव्य झंडारोहण से हुई, जिसे कॉमरेड सतीश चंद्र सतीश ने गर्व के साथ किया। अध्यक्षता कॉम रामप्रकाश सैनी ने की, जिन्होंने उपस्थित किसानों का उत्साहवर्धन किया।
समारोह में कॉम बलबीर ने किसानों को संगठन के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि कैसे किसान सभा ने वर्षों से किसानों के हक और सम्मान के लिए संघर्ष किया और कई ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उनका यह संदेश था कि किसानों की लड़ाई आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कभी थी।
कॉम सतीश चंद्र सतीश ने मंच से जोरदार भाषण देते हुए कहा, “सरकार चाहे कोई भी आए, किसानों के हित में कोई भी कदम सच्चाई से नहीं उठाता। इसलिए किसानों को अपने हक और अधिकार के लिए सतत संघर्ष करना ही होगा। हमारी लड़ाई केवल आज की नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी है। संघर्ष का यह परचम हम हमेशा बुलंद रखेंगे।”
कार्यक्रम के अंत में कॉम रामप्रकाश सैनी ने उपस्थित किसानों और आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसान सभा का संघर्ष सिर्फ संगठन का नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों की आवाज़ है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि संगठन की इस ताकत और संकल्प को हर हाल में बनाए रखा जाए।
इस प्रकार खिनमिनी ग्राम में किसान सभा का यह स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संगठित और जागरूक किसान आंदोलन की झलक बनकर सामने आया।
किसान सभा के स्थापना दिवस पर संघर्ष को बताया जरूरी, किया गया ध्वजारोहण


