आगरा। जनपद समेत पूरे प्रदेश में एलपीजी संकट के बीच प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू कर दिए गए हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा, चाहे वे ग्रामीण क्षेत्र के हों या शहरी। इस फैसले ने लाखों उपभोक्ताओं की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है।
नए नियम के तहत पहले जो अंतर ग्रामीण (45 दिन) और शहरी (25 दिन) क्षेत्रों के बीच था, उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब सभी के लिए एक समान व्यवस्था लागू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे गैस वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी और दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
जिले में 12 लाख से अधिक गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें करीब 3.41 लाख उज्ज्वला योजना के लाभार्थी शामिल हैं। रोजाना लगभग 150 टन एलपीजी की खपत के बीच यह बदलाव सीधे तौर पर बड़ी आबादी को प्रभावित करेगा। उपभोक्ताओं को अब गैस उपयोग में ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि जल्दी रिफिल का विकल्प सीमित हो गया है।
प्रशासन का कहना है कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगाना है। कई जगहों पर उज्ज्वला सिलिंडर ऊंची कीमतों पर बेचे जाने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे वास्तविक जरूरतमंदों तक गैस की पहुंच सुनिश्चित होगी।
वहीं दूसरी ओर, कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब उनकी औसत खपत के आधार पर केवल 20 प्रतिशत गैस ही उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बाजार में कई कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शादी जैसे विशेष अवसरों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। जिन परिवारों में शादी है, उनके लिए अतिरिक्त कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराने हेतु शासन को मांग भेजी जा रही है। कुल मिलाकर, नए नियमों के चलते जहां एक ओर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है, वहीं आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।


