– दिल्ली के ट्रैफिक से मुक्ति, दो घंटे में आगरा पहुंचेंगे पर्यटक और बढ़ेगा नाइट स्टे
– विदेशी बायर्स की राह होगी आसान, जूता और हैंडीक्राफ्ट निर्यात पकड़ेगा नई रफ्तार
– होटल, गाइड और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में रोजगार की बहार, सिविल एन्क्लेव से भी जगी उम्मीद
आगरा, 28 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ऐतिहासिक लोकार्पण किया। इस विश्वस्तरीय एयरपोर्ट के शुरू होने से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी, लेकिन इसका सबसे बड़ा और सीधा फायदा ताजनगरी आगरा को मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य में जो इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का जाल बिछा है, उसी का परिणाम है कि यमुना एक्सप्रेस वे की शानदार कनेक्टिविटी के चलते अब जेवर एयरपोर्ट से आगरा की दूरी मात्र डेढ़ से दो घंटे रह गई है। इसके शुरू होने से आगरा के पर्यटन, जूता, और मार्बल हैंडीक्राफ्ट उद्योग में एक ऐतिहासिक बूम आने की पूरी उम्मीद है।
पर्यटन कारोबार को मिलेगी नई ऊर्जा, बढ़ेंगे नाइट स्टे
आगरा का पर्यटन कारोबार सालाना करीब पांच हजार करोड़ रुपये का है। यहां ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसी तीन प्रमुख विश्व धरोहरें हैं। पर्यटन सीजन (अक्टूबर की शुरुआत से मार्च के अंत तक) में यहां देश- विदेश से लाखों लोग आते हैं। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पर्यटकों को सबसे बड़ी राहत समय की मिलेगी। अब उन्हें अपनी वापसी की फ्लाइट पकड़ने के लिए एक दिन पहले दिल्ली जाकर रुकने की जरूरत नहीं होगी। वे उसी दिन आगरा से जेवर पहुंचकर फ्लाइट ले सकेंगे। इससे आगरा में पर्यटकों का नाइट स्टे (रात का ठहराव) बढ़ेगा। इस पर टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष अमूल्य कक्कड़ का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट आगरा के पर्यटन के लिए संजीवनी साबित होगा। दिल्ली के भारी ट्रैफिक से बचकर पर्यटक आसानी से सीधे आगरा आ सकेंगे, जिससे हमारे होटलों की बुकिंग और नाइट स्टे में जबरदस्त उछाल आएगा।
जूता और मार्बल हैंडीक्राफ्ट निर्यात को मिलेगी तेज रफ्तार
आगरा शहर केवल अपने पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि लेदर, फुटवियर और खूबसूरत मार्बल हैंडीक्राफ्ट के लिए भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान रखता है। इस नई हवाई सुविधा से इन उद्योगों के निर्यात को एक नई उड़ान मिलेगी। विदेशी बायर्स (खरीदार) और निवेशक अब बिना किसी परेशानी के सीधे आगरा पहुंच सकेंगे। फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी किसी भी उद्योग के विकास की पहली शर्त होती है। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने से हमारे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का आवागमन बेहद आसान हो जाएगा। इससे न केवल विदेशी ऑर्डर बढ़ेंगे, बल्कि लेदर और जूता उद्योग को ग्लोबल मार्केट में और मजबूती मिलेगी।

ट्रांसपोर्ट, होटल और गाइड सेक्टर में आएगी रोजगार की बहार
आगरा में पर्यटकों के ठहरने के लिए करीब दो दर्जन सितारा होटल, 400 बजट क्लास होटल और 140 पेइंग गेस्ट हाउस मौजूद हैं। जेवर एयरपोर्ट से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने पर इन सभी का व्यवसाय तेजी से चमकेगा। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट और गाइड सेक्टर में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अप्रूव्ड टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शम्सुद्दीन खान ने कहा कि हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से न केवल विदेशी बल्कि दक्षिण भारत, पश्चिम भारत और उत्तर- पूर्व से भी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय गाइड और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिलेगा, जिससे शहर में युवाओं के लिए रोजगार की नई बहार आएगी।
आगरा सिविल एन्क्लेव और घरेलू उड़ानों का तेजी से विस्तार
जेवर एयरपोर्ट के साथ-साथ आगरा की अपनी हवाई सेवाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है। आगरा के खेरिया एयरपोर्ट पर नए सिविल एन्क्लेव का निर्माण कार्य जोरों पर है, जिसके सितंबर-अक्टूबर तक बनकर पूरा होने की उम्मीद है। टूर एंड ट्रैवल्स उद्योग से जुड़े राजीव सक्सेना का मानना है कि यमुना एक्सप्रेसवे से मात्र दो घंटे में जेवर पहुंचने की सुविधा पर्यटकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इससे उनका बहुत समय बचेगा। वहीं आगरा में सिविल एन्क्लेव बनने के बाद रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत घरेलू उड़ानों की संख्या काफी बढ़ जाएगी। फिलहाल आगरा से इंडिगो की मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद की फ्लाइट्स चल रही हैं, लेकिन सिविल एन्क्लेव बनने के बाद गुवाहाटी, कोलकाता, चेन्नई और गोवा समेत अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू हो सकेंगी। जेवर एयरपोर्ट और खेरिया सिविल एन्क्लेव के तालमेल से आगरा आने वाले दिनों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।


