लखनऊ। योगी आदित्यनाथ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार द्वारा जारी एयरोड्रम लाइसेंस मुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया। इस लाइसेंस के जारी होने के साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन और वहां से वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की दिशा में प्रक्रिया और तेज हो गई है।
भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को परियोजना की अब तक की प्रगति, निर्माण कार्यों की स्थिति तथा आगामी चरणों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और आवश्यक तकनीकी व प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट के संचालन से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं को भी जल्द पूरा करने की तैयारी की जा रही है, ताकि निर्धारित समय में यहां से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक परियोजना है। इसके शुरू होने से प्रदेश में निवेश, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी तथा बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि एयरपोर्ट के शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर पूरी तरह गंभीर है और आवश्यक सहयोग लगातार प्रदान किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में से एक होगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों को सीधी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि एयरपोर्ट के संचालन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से की जा रही हैं और जल्द ही उद्घाटन के लिए उपयुक्त तिथि तय की जाएगी। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े अधिकारी और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


