मथुरा: मथुरा प्रशासन (Mathura Administration) ने स्कूलों (schools) में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में, मथुरा के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नोडल अधिकारियों (Nodal officers) की तैनाती की जाएगी। मथुरा की जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी, एकता कीर्ति ने इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
यह आदेश सर्वोच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका “शहर में आवारा कुत्तों का आतंक, बच्चे भुगत रहे हैं” पर पारित आदेश के अनुसरण में जारी किया गया है। न्यायालय ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन और उनसे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
जारी निर्देशों के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र और उसके विस्तारित क्षेत्रों में आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों को तत्काल एक नोडल अधिकारी नामित करना होगा। नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इन अधिकारियों का मुख्य कार्य विद्यालय परिसर को आवारा कुत्तों से मुक्त रखना और स्वच्छता सुनिश्चित करना होगा।
इस आदेश में न केवल नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य की गई है, बल्कि संस्थानों को अपनी चारदीवारी और फाटकों की मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिस्थिति में आवारा पशु उन क्षेत्रों में प्रवेश न कर सकें जहां बच्चे खेलते या पढ़ते हैं।
बेसा ने निर्देश दिया है कि सभी मनोनीत नोडल अधिकारियों की एक सूची तैयार करके मथुरा-वृंदावन नगर निगम के नगर आयुक्त को सौंपी जाए, ताकि आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नगर स्तर पर समन्वय स्थापित किया जा सके। इस सूची की एक प्रति जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय को भी भेजी जाएगी। इस कदम से स्कूल जाने वाले हजारों बच्चों के अभिभावकों को राहत मिली है, क्योंकि हाल के दिनों में आवारा कुत्तों के हमलों की खबरें चिंता का विषय बन गई थीं।


