
पटना। बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक और बेहद खास साबित हुआ। राजधानी पटना के गांधी मैदान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह ने राजनीतिक शक्ति, एकजुटता और जनसमर्थन का विशाल प्रदर्शन किया। मंच पर मौजूद नेताओं, सुरक्षा व्यवस्था और जनता की भारी मौजूदगी ने इसे अब तक के सबसे भव्य समारोहों में शामिल कर दिया। इस मौके पर नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बिहार की राजनीति में अपनी नेतृत्व क्षमता और स्वीकार्यता का नया अध्याय जोड़ दिया।
भव्य मंच, कड़ी सुरक्षा और देशभर के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
गांधी मैदान में विशाल मंच को विशेष रूप से तैयार किया गया था, जिस पर देश के सबसे बड़े राजनीतिक चेहरे एक साथ मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सहित कई केंद्रीय मंत्री और देशभर के एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इस समारोह के गवाह बने।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उनके बेटे नारा लोकेश, और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान की माता रीना पासवान की मौजूदगी ने समारोह के राष्ट्रीय महत्व को और बढ़ा दिया।
पूरे गांधी मैदान में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था। एसपीजी, बिहार पुलिस, विशेष शाखा और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहे। ड्रोन से निगरानी और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई।
सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने संभाला उपमुख्यमंत्री का कार्यभार
मुख्यमंत्री की शपथ के बाद, मंच पर सबसे पहला नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आया, जिन्होंने लगातार दूसरी बार इस पद की जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दोनों नेताओं के चेहरों पर उत्साह और जनता में उनके लिए खूब तालियां गूंजती रहीं।
इसके बाद विभिन्न चरणों में 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मंच पर बार–बार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही, जहां एनडीए के सभी घटक दलों की मजबूत मौजूदगी दिखी। यह समारोह गठबंधन की एकजुटता और स्थिरता का प्रत्यक्ष संदेश देता नजर आया।
26 मंत्रियों का बड़ा दल: सभी समीकरण साधने का प्रयास
आज शपथ लेने वाले बड़े नेताओं में सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, विजय चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संतोष सुमन, सुनील कुमार, जमा खान, संजय सिंह ‘टाइगर’, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र रोशन, श्रेयसी सिंह, प्रमोद कुमार, संजय कुमार, संजय कुमार सिंह और दीपक प्रकाश शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान अपनी पार्टी के तीन मंत्रियों को शामिल करना चाहते थे, लेकिन फिलहाल LJP से एक नाम को ही मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया। बातचीत आगे भी जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक अंदाज: पांच बार झुककर किया अभिवादन, गमछा लहराया
समारोह का सबसे भावनात्मक और चर्चित दृश्य तब देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री मोदी शपथ ग्रहण के बाद मंच के आगे आए। उन्होंने लगातार पाँच बार झुककर जनता का अभिवादन किया। पूरा मैदान तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद वे मंत्रियों के पास गए, उन्हें बधाई दी और उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने गमछा लहराकर जनता से संवाद किया। जवाब में पूरा गांधी मैदान गमछा लहराता दिखाई दिया। यह दृश्य लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
देशभर के मुख्यमंत्रियों ने दी बधाई, बिहार की नई सरकार को मिला राष्ट्रीय समर्थन
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नैयाब सिंह सैनी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा सहित ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और नगालैंड के मुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए।
NDA के शीर्ष नेताओं की सामूहिक भागीदारी ने इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राजनीतिक घटना बना दिया।
गांधी मैदान में पवन सिंह और मनोज तिवारी ने बढ़ाया रोमांच
बिहार की मिट्टी की खुशबू लिए भोजपुरी सुपरस्टार और भाजपा नेता पवन सिंह तथा दिल्ली से सांसद और भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी ने समारोह में चार चांद लगा दिए। पवन सिंह ने मंच पर गीतों के माध्यम से मोदी–नीतीश की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। भीड़ में युवाओं का जोश चरम पर था।
बिहार में नई शुरुआत — स्थिरता और अनुभवी नेतृत्व की वापसी
बिहार विधानसभा चुनाव में 202 सीटों की बड़ी जीत हासिल कर चुकी NDA की सरकार ने इस शपथ ग्रहण के जरिए अपना सामूहिक दमखम दिखाया। नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने से राज्य में फिर से अनुभव, स्थिरता और विकास योजनाओं की निरंतरता बनने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जहां एनडीए के सहयोगी दल एक मंच पर एकजुट दिखाई दिए, वहीं नेताओं की मुस्कान से यह संदेश भी गया कि आने वाला कार्यकाल विकास और प्रशासनिक मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।






