उन्नाव। उन्नाव में शिक्षा विभाग एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गया है। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक से कथित रूप से रिश्वत मांगने का मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि विभागीय बाबू उदयवीर सिंह पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर अटैच कर दिया गया। हालांकि कार्रवाई के बावजूद पूरे मामले की जांच अब ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है, जिससे सवाल और गहरे हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, बाबू ने यह रिश्वत तत्कालीन निर्देशों के तहत मांगी थी और इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश पांडे का नाम भी सामने आ रहा है। आरोप है कि अब विभागीय स्तर पर करीबी बाबू को बचाने की कोशिशें की जा रही हैं।
इस पूरे प्रकरण ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। वहीं, शिक्षक संगठनों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
यदि जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाए और जिम्मेदारों को बचाया जाए, तो यह न केवल शिक्षा व्यवस्था को खोखला करता है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देता है। अब देखना होगा कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच होती है या फिर यह भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
शिक्षा विभाग में रिश्वत कांड, बाबू निलंबित, बीएसए भी संदिग्ध


