दिल्ली धमाकों की कड़ी में लखनऊ सहित आठ ठिकानों पर NIA की बड़ी कार्रवाई

0
30

लखनऊl दिल्ली में हुए धमाकों की जांच को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सोमवार को कश्मीर से लेकर लखनऊ तक कुल आठ स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य उन व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल्स का नेटवर्क उजागर करना है, जिन पर संदिग्धों को आर्थिक और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप है।

सोमवार सुबह लखनऊ में NIA की टीम खंदारी बाजार स्थित डॉ. शाहीन शाहिद के पिता के आवास पर पहुंची, जहां उन्होंने विस्तृत तलाशी ली। छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस भी भारी संख्या में मौजूद रही, जिसके चलते पूरे इलाके में हलचल और सुरक्षा का सख्त माहौल देखने को मिला। बताया जा रहा है कि दिल्ली धमाकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर जांच टीम ने इससे पहले भी डॉ. शाहीन के परिजनों से विस्तृत पूछताछ की थी।

इसके साथ ही एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में नवंबर के पहले सप्ताह में गिरफ्तार किए गए डॉ. अदील अहमद राथर के आवास की भी तलाशी ली। माना जा रहा है कि यह मॉड्यूल वित्तीय अपराधों, हवाला नेटवर्क, फर्जी कंपनियों और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिये आतंकियों की मदद करता था। ऐसे ‘सफेदपोश आतंकियों’ का नेटवर्क पारंपरिक आतंकी संगठनों से अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि ये लोग बैंकिंग सिस्टम, डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉरपोरेट ढांचे का उपयोग कर लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहते हैं।

जांच एजेंसी का मानना है कि धमाकों में प्रत्यक्ष रूप से जुड़े संदिग्धों के अलावा, उनके पीछे काम कर रहे आर्थिक और तकनीकी सहायता तंत्र को पकड़ना बेहद जरूरी है। इसी क्रम में छापेमारी के दौरान डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज़ और कई संवेदनशील रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए हैं। NIA इस पूरे नेटवर्क को समझने और इसे जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाइयां जारी रख सकती है।

एजेंसी की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि दिल्ली धमाकों की साजिश के पीछे केवल ग्राउंड-लेवल ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि कई उच्च शिक्षित और प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, जिनकी गतिविधियाँ सामान्य दिखने के बावजूद बड़े आतंकी तंत्र को आर्थिक ऑक्सीजन उपलब्ध करा सकती हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here