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Tuesday, June 9, 2026
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उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की बिगड़ी तबीयत

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लखनऊ। रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदी पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) बलरामपुर अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में भर्ती हैं। रेप के आरोपी पूर्व मंत्री को बीपी, शुगर और चक्कर आने की समस्या के आधार पर भर्ती किया गया है। उनके इलाज के लिए अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम लगाई गई है। शुगर, बीपी जैसी आम बीमारी के लिए कई दिन से प्राइवेट वार्ड में भर्ती करके इलाज दिए जाने पर अस्पताल की फजीहत हो रही है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा के लिहाज से पूर्व मंत्री को प्राइवेट रूम में भर्ती किया गया है।

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को बलरामपुर अस्पताल के न्यू प्राइवेट वार्ड के कमरा नंबर 15 में भर्ती रखा गया है। यहां पर वह 10 से दिन से अधिक समय से भर्ती हैं। अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विष्णु कुमार की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। पूर्व मंत्री को शुगर, बीपी और चक्कर आने की शिकायत पर भर्ती रखा गया है।

बलरामपुर में आने से पहले कई माह से पूर्व मंत्री गायत्री केजीएमयू के यूरोलॉजी समेत दूसरे विभागों में इलाज के लिए प्राइवेट वार्ड में ही इलाज करवाते रहे हैं। लंबे समय से केजीएमयू के वरिष्ठ विशेषज्ञ भी उनके बेहतर इलाज में डटे हुए थे। अचानक से केजीएमयू से छुट्टी के बाद अब वह बलरामपुर जिला अस्पताल में इलाज के लिए पुलिस की अभिरक्षा में भर्ती कराए गए हैं।

बलरामपुर निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश ने बताया, पूर्व मंत्री को सुरक्षा के लिहाज से प्राइवेट रूम में भर्ती रखा गया है। वरिष्ठ फिजिशियन की टीम उनका इलाज कर रही है। पांच विशेषज्ञों की कमेटी भी बनाई गई है, जो कि उनकी सभी जांचें करके आगे की इलाज की रूपरेखा तय करेगी। उसी आधार पर उनको आगे का इलाज दिया जाएगा या फिर किसी उच्च संस्थान रेफर किया जा सकता है।

महाकुंभ 2025: केंद्र सरकार ने पहली किस्त में 1050 करोड़ रुपये जारी किए

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प्रयागराज। संगमनगरी में 2025 में आयोजित होने वाले महाकुंभ (Maha Kumbh) के लिए केंद्र और राज्य सरकारें जोर-शोर से तैयारियां कर रही हैं। केंद्र सरकार ने आयोजन के लिए 2100 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि स्वीकृत की है, जिसमें से 1050 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस राशि का उपयोग महाकुंभ को भव्य, दिव्य और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए होगा। इसके साथ ही यूपी सरकार ने पहले से ही 5435 करोड़ रुपये के बजट के साथ 421 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। रेलवे ओवरब्रिज, सड़कों का चौड़ीकरण, कटाव निरोधक कार्य, चौराहों का सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। गंगा किनारे रिवरफ्रंट निर्माण और स्वच्छता के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पूरे आयोजन को डिजिटल और पर्यावरण-अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की औपचारिक शुरुआत करेंगे। उनके आगमन के दौरान 6500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। इनमें अक्षयवट कॉरिडोर, हनुमान मंदिर कॉरिडोर और भरद्वाज मंदिर कॉरिडोर जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट शामिल हैं। संगम नोज पर संगम पूजन और गंगा आरती के साथ प्रधानमंत्री श्रद्धालुओं के लिए इस आयोजन को और खास बनाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 दिसंबर को प्रयागराज का दौरा करेंगे। वे महाकुंभ से जुड़ी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और तैयारियों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 90% से अधिक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनका दौरा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सभी तैयारियां पूरी करनी होंगी।

महाकुंभ 2025 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें पूरी तत्परता से कार्य कर रही हैं। प्रयागराज को आधुनिकता और आध्यात्मिकता का केंद्र बनाने की दिशा में यह आयोजन एक मिसाल बनेगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए इसे स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल महाकुंभ के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखा गया है।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा से फर्रुखाबाद में उबाल, साधु-संतों और हिंदूवादी संगठनों ने निकाली रैली, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

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यूथ इंडिया, फर्रुखाबाद। बांग्लादेश में हो रही हिंदू हिंसा के विरोध में संतों के साथ विभिन्न हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर सड़क पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जनआक्रोश रैली का आयोजन किया। यह रैली हिंदू रक्षा संघर्ष समिति के बैनर तले, दुर्वाषा आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज के नेतृत्व में फतेहगढ़ के जेएनबी रोड तिराहे से ऑफिसर क्लब तक निकाली गई। रैली के समापन पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

हिंदू संगठनों के नेताओं ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं का नेतृत्व कर रहे सन्यासी चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश सरकार ने गिरफ्तार कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की है। उन्होंने मांग की कि सन्यासी चिन्मय कृष्ण दास को तुरंत रिहा किया जाए।

इस प्रदर्शन में हिंदू महासभा के युवा जिलाध्यक्ष विमलेश मिश्रा, विहिप जिलाध्यक्ष मुकेश बाथम, आचार्य विवेकानंद पाठक, गुड्डू पंडित, अंकित तिवारी, विपिन अवस्थी, अरविंद अवस्थी, प्रीति तिवारी और अर्चना वर्मा सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

जांच को राहत दी अपराध का लाइसेंस नहीं दिया: सुप्रीम कोर्ट 

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– निष्पक्ष जांच के लिए अंतरिम राहत

डब्बन दुबे के मामले के सरकार पर नर्म हुई शीर्ष अदालत

नई दिल्ली, फर्रुखाबाद।गैंगस्टर और माफिया अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के मामले में सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष सुना। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने फर्रुखाबाद पुलिस को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने डब्बन की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि अदालत ने केवल निष्पक्ष विवेचना के लिए सुरक्षा दी है, अपराध का लाइसेंस नहीं।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक, लंच टाइम को छोड़कर, अनुराग दुबे से पूछताछ करे। अभियुक्त को जांच में सहयोग करना होगा और किसी भी प्रकार की अवमानना न करने की चेतावनी दी गई है।

सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता समेत सरकारी वकील मौजूद रहे। फर्रुखाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले में कोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मौजूद रहे।

पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि यह सुनिश्चित करना होगा कि अभियुक्त को निष्पक्ष विवेचना मिले। साथ ही, उन्होंने राज्य पुलिस को आगाह किया था,कि अगर किसी तरह से अभियुक्त के साथ अन्याय न हो। कोर्ट ने कहा, “हमने अपराध का लाइसेंस नहीं दिया, बल्कि निष्पक्षता की गारंटी दी है।”

अनुराग दुबे पर फर्रुखाबाद जिले में कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें गैंगस्टर एक्ट भी शामिल है।गैंगस्टर डब्बन अपने जैसा ही आदेश अपने छोटे भाई के लिए भी चाहता था,लेकिन कोर्ट ने राहत नहीं दी।

फर्रुखाबाद पुलिस ने अनुराग दुबे के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की हैं और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में थी।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2025 के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि विवेचना पूरी तरह निष्पक्ष होगी।

यह मामला फर्रुखाबाद में चर्चित बना हुआ है, और स्थानीय लोगों के बीच प्रशासन की कार्रवाई और कोर्ट के निर्णय को लेकर व्यापक चर्चा है।

संभल हिंसा: लोकसभा में हंगामे के बीच बोले अखिलेश, “सरकार की नाकामी का नतीजा”

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Akhilesh Yadav

नई दिल्ली। शाही जामा मस्जिद में दोबारा सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा को लेकर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्नौज सांसद अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “सरकार की नाकामी और साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना का उद्देश्य चुनावी धांधली और सरकार की विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाना है।

सर्वेक्षण के दौरान हिंसा में पांच की मौत, सैकड़ों पर मुकदमा दर्ज

अखिलेश यादव ने दावा किया कि पुलिस ने सरकारी और निजी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए भीड़ पर गोलियां चलाईं, जिसमें पांच युवाओं की जान चली गई। उन्होंने इसे बेहद दुखद और निंदनीय बताया। सपा प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि जब सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क घटना के समय बेंगलुरु में थे, तो उनके खिलाफ एफआईआर कैसे दर्ज की गई।
घटना के बाद प्रशासन ने अब तक सात मुकदमे दर्ज किए हैं और 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, 2750 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। जिला प्रशासन ने इलाके में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है, ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।

सोची-समझी साजिश

अखिलेश यादव ने कहा कि जब मस्जिद का सर्वेक्षण पहले ही हो चुका था, तो दूसरा सर्वेक्षण क्यों किया गया? उन्होंने इसे प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए सोची-समझी साजिश करार दिया। सपा ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

इस घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखे हमले किए हैं। सपा ने 12 नेताओं की एक टीम को जांच के लिए संभल भेजने का ऐलान किया है।

लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “यह घटना प्रशासन की विफलता और भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का नतीजा है।”

घटना के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।

लखनऊ एयरपोर्ट में मिला नवजात का शव

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (Lucknow Airport) में मंगलवार सुबह नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया। कोरियर कराने आये एजेन्ट के सामान में मौजूद एक डिब्बे के अन्दर मिला नवजात बच्चे का शव मिलने से कार्गो कर्मचारियों में दहशत फैल गयी।

आनन फानन कार्गो स्टाफ द्वारा सीआईएसएफ को सूचना देने के साथ ही कोरियर कराने आये युवक को पकड़कर सीआइएसएफ के हवाले कर दिया। वहीं सीआईएसएफ की पूछताछ के दौरान युवक उक्त शव के बारे में कुछ भी नहीं बता सका।
लखनऊ एयरपोर्ट पर कार्गो स्टाफ रोज की तरह मंगलवार को भी सुबह कार्गो के लिए बुक होने वाले सामान की स्कैनिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक प्राइवेट कम्पनी का कोरियर एजेन्ट कार्गो के जरिये सामान बुक कराने आया। कार्गो स्टाफ द्वारा जब उसके द्वारा बुक कराये गये सामान की स्केनिंग की जाने लगी तो एक प्लास्टिक के डिब्बे के अन्दर एक नवजात का शव स्केनिंग मशीन में डिटेक्ट हुआ। कार्गो कर्मचारियों द्वारा पैकेट खोले जाने पर उसमें लगभग 1 महीने के बच्चे का शव मिला। यह देख कार्गो कर्मचारियों को होश उड़ गये।
आनन फानन इसकी सूचना सीआईएसएफ को देने के साथ ही पुलिस को भी दी गयी। फिलहाल कोरियर कम्पनी का कर्मचारी उक्त डिब्बे तथा शव के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका।
एयरपोर्ट चौकी प्रभारी ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट कार्गो परिसर में नवजात का शव मिला है इसके बारे में कोरियर कराने आये व्यक्ति से पूछताछ की जा रही हैं। फिलहाल किसी व्यक्ति द्वारा नवजात के शव को परीक्षण कराने के लिए बाम्बे भेजने की बात सामने आ रही है लेकिन इसके सम्बन्ध में हवाई मार्ग से जाने वाले कोई कागजात कोरियर एजेन्ट नहीं दिखा पाया है फिलहाल मामले की जांच पड़ताल जारी है।