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Tuesday, June 9, 2026
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अतुल सुभाष के ससुराल वाले आधी रात को घर छोड़कर भागे

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Atul Subhash

जौनपुर। अतुल सुभाष (Atul Subhash) के सुसाइड दहेज उत्पीड़न को लेजकर कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिये हैं, क्योंकि सुसाइड से पहले अतुल ने 80 मिनट के वीडियो और कई पन्नों के सुसाइड नोट में अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर झूठे दहेज उत्पीड़न मामले में उसे और उसके परिवार को फंसाने का आरोप लगाया है। साथ ही अपने इस खौफनाक कदम के लिए उन्हें ही दोषी ठहराया है। इस बीच पुलिस की पूछताछ से बचने के लिए आरोपी ससुराल वाले बुधवार देर रात घर छोड़कर भागते दिखे।

दरअसल, मृतक अतुल सुभाष के भाई बिकास कुमार की शिकायत पर बेंगलुरू की मराठाहल्ली पुलिस ने पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, पत्नी के भाई अनुराग संघानिया और चाचा सुशील सिंघानिया के खिलाफ BNS की धारा 108 और 3(5) के तहत एफ़आईआर दर्ज की है। इस मामले में पूछताछ के बेंगलुरु पुलिस की एक टीम जौनपुर पहुंच गई है।

हालांकि, पुलिस के पहुंचने सूचना मिलते ही अतुल सुभाष के ससुराल वाले देर रात में घर में ताला लगाकर वहां से निकल गए। पत्नी निकिता सिंघानिया की मां निशा सिंघानिया और भाई अनुराग को भागते हुए देखा गया। इस दौरान जब मीडिया कर्मियों ने अतुल की सास से सवाल किया तो वह हाथ जोड़ती दिखीं और बिना कुछ बोले बाइक पर बैठकर चली गई

दूसरी तरफ, निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया ने कहा, “मुझे मीडिया की खबरों से पता चला कि एफआईआर में मेरा भी नाम है, लेकिन मेरा इससे कोई नाता नहीं है। तलाक मामले की सुनवाई बीते तीन वर्षों से चल रही है और अब ये अचानक सब हुआ है। हमारा परिवार दोषी नहीं है और इस मामले में अदालत फैसला देगी।’ उन्होंने कहा, “सुभाष के आरोप बेबुनियाद हैं। निकिता यहां नहीं है और जब वह आ जाएगी तो वह सारे सवालों के जवाब देगी। मैं उसका चाचा हूं, लेकिन मुझे केस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।”

अतुल ने सुसाइड नोट में जिक्र किया कि कैसे उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया और उनके ससुराल वालों ने उन्हें और उनके माता-पिता व भाई को कानून का गलत इस्तेमाल करके प्रताड़ित किया। अतुल ने सुसाइड करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया। पुलिस ने बताया कि अतुल का शव मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला।

अतुल सुभाष आत्महत्या मामला: हाई कोर्ट का संज्ञान, दहेज कानून के दुरुपयोग पर चिंता

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लखनऊ।बेंगलुरु के 34 वर्षीय इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के साथ तेलंगाना के एक मामले की सुनवाई करते हुए दहेज कानून के गलत इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की थी। अब, हाई कोर्ट ने अतुल सुभाष के खिलाफ दीवानी न्यायालय में चल रहे सभी मुकदमों की फाइल तलब की है।

अतुल सुभाष ने 24 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या की थी, जिसमें उसने अपने खिलाफ चल रहे मुकदमों का जिक्र किया है। उसके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं, जिनमें भरण पोषण, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामले शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि दहेज उत्पीड़न के मामलों में अदालतों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि निर्दोष परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके। कोर्ट ने कहा कि पति के सगे संबंधियों को फंसाने की प्रवृत्ति को देखते हुए कानून का दुरुपयोग रोकना आवश्यक है।

हाई कोर्ट ने अतुल सुभाष के अधिवक्ता अवधेश तिवारी से कहा है कि वे अतुल के खिलाफ दाखिल सभी मुकदमों का रिकॉर्ड प्रस्तुत करें। जिला जज कार्यालय से भी जानकारी मांगी गई है। इस मामले में सुनवाई की तिथि 12 दिसंबर निर्धारित की गई है, जिसमें अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया ने दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है।अतुल सुभाष के अधिवक्ता ने बताया कि वे अब मृत अतुल के मृत्यु रिपोर्ट के संबंध में कोर्ट में प्रार्थना पत्र देंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई लोगों ने हाई कोर्ट को मेल करके निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने दहेज कानून के दुरुपयोग के मुद्दे को फिर से उजागर किया है, और न्यायालयों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

काबुल: मस्जिद में धमाके में मंत्री की मौत, सुरक्षा एजेंसी जांच में जुटी

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Kabul Blast
Kabul Blast

काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक धमाके (Blast) में तालिबान के शरणार्थी मंत्री खलील हक्कानी की मौत हो गई है। आंतरिक मंत्रालय के अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि की है। घटना के कारणों और विस्फोट के पीछे के जिम्मेदार लोगों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है।

तालिबान की सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

खलील हक्कानी अफगानिस्तान में आने वाले शरणार्थी संकट को संभाल रहे थे। वह शक्तिशाली हक्कानी नेटवर्क के वरिष्ठ सदस्य और तालिबान सरकार के गृह मंत्री व वरिष्ठ नेता सिराजुद्दीन हक्कानी के चाचा थे।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को एक मस्जिद में हुए शक्तिशाली विस्फोट में उनकी मौत हो गई।

युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने धूमधाम से मनाया पीआरडी स्थापना दिवस

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फर्रुखाबाद (प्रशांत कटियार)।युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) विभाग द्वारा पीआरडी स्थापना दिवस का आयोजन मुड़ गांव स्टेडियम मोहम्मदाबाद में एक भव्य समारोह के रूप में किया गया। यह कार्यक्रम न केवल क्षेत्र के युवा कल्याण के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि सामुदायिक सुरक्षा तथा सहयोग के महत्व को भी उजागर करता है।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री मोनिका यादव उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त महानिदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल लखनऊ, उमेश तिवारी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और परेड की सलामी ली। उनका योगदान इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।कार्यक्रम का आरंभ ध्वजारोहण और परेड के साथ हुआ, जिसमें सभी ब्लॉकों के 88 पीआरडी जवानों ने भाग लिया। खास बात यह थी कि इस परेड में एक महिला टुकड़ी भी शामिल थी, जो कि महिला सशक्तिकरण और समानता का प्रतीक है। परेड के बाद वालीबाल और रस्साकशी जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें पीआरडी जवानों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं में विजेता जवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनमें उत्साह और जोश का संचार हुआ। यह देखकर सभी उपस्थित लोग प्रोत्साहित हुए और युवा कल्याण की दिशा में एक नई ऊर्जा का अनुभव किया।इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी जीतू, अनुराग, शुभम और पुष्पेंद्र यादव ने विशेष मेहनत की। उनकी टीम ने आयोजन की सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया, जिससे समारोह का हर पहलू सफल और स्मरणीय बना। जिला युवा कल्याण अधिकारी संतोष कुमार ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत किया। यह स्वागत समारोह न केवल उनका सम्मान था, बल्कि युवा कल्याण के प्रति क्षेत्र की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।इस आयोजन ने क्षेत्र के लोगों में युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक सहयोग को भी प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब युवा एकजुट होते हैं, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

कृष्णा नगर में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन, कलश यात्रा से हुई शुरुआत

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फर्रुखाबाद, यूथ इंडिया संवाददाता: कृष्णा नगर कथा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यह आयोजन प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य सुनील शुक्ल जी के मार्गदर्शन में हुआ।

सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल था। कलश यात्रा का शुभारंभ विधिवत पूजन के बाद किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। यात्रा नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला।

दोपहर 2 बजे से कथा व्यास आचार्य सुनील शुक्ल जी ने श्रीमद् भागवत कथा का वाचन प्रारंभ किया। उनके मुखारविंदु से कथा सुनने का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में सनातनी भक्त उपस्थित रहे। कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप, लीलाओं और धर्म के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला गया।

इस पावन अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उपस्थित लोगों में जितेंद्र कुमार मिश्रा, वरुण पाण्डेय, आनंद मिश्रा, नरेंद्र शुक्ला, राजेश कुमार मिश्रा, सत्यम, जितेंद्र सिंह, और शिवम त्रिपाठी सहित कई अन्य प्रमुख लोग शामिल थे।

कथा का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिकता का प्रचार-प्रसार करना और लोगों को सनातन धर्म के मूल्यों से जोड़ना है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा का आयोजन पूरे सप्ताह चलेगा, जिसमें प्रतिदिन अलग-अलग कथाओं और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।

यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर आयोजकों का आभार व्यक्त किया और अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।

‘बेटा व्योम किसी पर भरोसा न करना…’, अतुल सुभाष ने बेटे के नाम लिखा लेटर, इस शर्त के साथ गिफ्ट भी छोड़ा

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जौनपुर। बेंगलुरु में 34 साल के AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष (Atul Subhash) सुसाइड केस में कई नई जानकारियां लगातार सामने आ रही हैं। अतुल ने अपनी बीवी सहित पांच लोगों के खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाया। फिर जान दे दी। इसके बाद अतुल का अंतिम वीडियो खूब वायरल हुआ। पुलिस ने फिर मामले में एक्शन लेते हुए 4 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। इस बीच अतुल का वो लेटर भी सामने आया है जो उसने अपने बेटे के लिए लिखा। लेटर पढ़कर आप भी अंदाजा लगा सकते हैं कि एक पिता कितनी दर्द और तकलीफ में था।

अतुल ने अपने बेटे के लिए लिखा- अपने बेटे व्योम के लिए मैं कुछ कहना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि एक दिन वह इसे समझने के लिए पर्याप्त समझदार बनेगा। बेटा व्योम जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा तो सोचा था कि मैं तुम्हारे लिए कभी भी अपनी जान दे सकता हूं। लेकिन दुख की बात है कि मैं अब तुम्हारी वजह से अपनी जान दे रहा हूं। मुझे अब तुम्हारा चेहरा भी याद नहीं आता जब तक कि मैं तुम्हारे फोटो न देखूं। अब मैं तुम्हारे बारे में कुछ भी महसूस नहीं करता, सिवाय कभी-कभी हल्के से दर्द के। अब तुम सिर्फ एक ऐसे औजार की तरह लगते हो जिसका इस्तेमाल करके मुझसे और ज्यादा उगाही की जाएगी।

व्योम के लिए अतुल ने आगे लिखा- हो सकता है तुम्हें दुख हो लेकिन हकीकत यह है कि मुझे अब तुम एक गलती की तरह महसूस होते हो। ये शर्मनाक व्यवस्था एक बच्चे को उसके पिता के लिए बोझ बना देती है। जब तक मैं जीवित हूं और पैसे कमाता हूं, वे तुम्हें एक औजार की तरह इस्तेमाल करते रहेंगे। लेकिन मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा। मैं अपने पिता के लिए तुम्हारी जैसे 100 बेटों को कुर्बान कर सकता हू्ं। और तुम्हारे लिए मैं खुद को 1000 बार कुर्बान कर सकता हूं। मुझे यकीन है कि तुम कभी न कभी यह समझ पाओगे कि पिता क्या होता है।

किसी पर भरोसा न करना

अतुल ने बेटे के लिए लिखा- मेरे जाने के बाद कोई पैसा नहीं रहेगा। एक दिन तुम अपनी मां और उसके लालची परिवार का असली चेहरा जरूर जान पाओगे। मुझे अक्सर हंसी आती है जब याद करता हूं कि मैंने तुम्हारी खातिर एक कार खरीदने का भी सोचा था। उसके लिए मैंने पैसे भी जोड़ना शुरू कर दिया था। कितनी मूर्खता थी मेरी। बेटे, न समाज पर भरोसा करना, न व्यवस्था पर, क्योंकि ये दोनों तुमसे अपना पेट भरना चाहती है। अगर मेरे खून का अंश तुममें जीता रहा तो तुम पूरे दिल से जीओगे, अपने दिमाग से खूबसूरत चीजें गढ़ोगे और समस्याओं को खत्म करोगे।

2038 में गिफ्ट खोले बेटा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतुल ने अपने साढ़े चार साल के बेटे के लिए इस खत के अलावा एक गिफ्ट छोड़ा है। लेकिन उसने यह गिफ्ट खोलने से पहले एक शर्त रख दी है। अतुल ने 2038 में यह गिफ्ट खोलने के लिए लिखा है। इसके पीछे क्या वजह है यह फिलहाल किसी को नहीं पता। अतुल ने वायरल वीडियो में कहा- मैं चाहता हूं कि मेरे बेटे की कस्टडी मेरे माता-पिता को मिले। देखना ये होगा कि इस मामले में आगे क्या फैसला लिया जाता है।