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Tuesday, June 9, 2026
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यौन शोषण मामले में आसाराम को ‘सुप्रीम’ राहत, मिली सशर्त अंतरिम जमानत

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अहमदाबाद। यौन शोषण मामले में आसाराम (Asaram Bapu) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है। इसके साथ ही, कोर्ट ने आसाराम को आदेश दिया कि वह अंतरिम जमानत पर छूटने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे। आसराम को 31 मार्च तक के लिए जमानत दी गई।

दरअसल, साल 2013 के रेप केस को लेकर मेडिकल आधार पर आसाराम यह राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “आसाराम बापू को तीन पुलिसकर्मियों का एस्कॉर्ट मुहैया कराया जाएगा। यह शर्त होगी कि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे। साथ ही, उन्हें अपने अनुयायियों से सामूहिक रूप से मिलने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” कोर्ट का यह फैसला गुजरात में उस रेप केस को लेकर आया है, जिसमें वह उम्र कैद की सजा काट रहे हैं।

हालांकि, राजस्थान में दर्ज ऐसे ही एक मामले को लेकर वह अभी भी हिरासत में हैं। जनवरी 2023 में सेशन कोर्ट ने आसाराम को 2013 के रेप केस  में दोषी ठहराया था। यह मामला एक महिला ने दर्ज कराया जो अपराध के समय गांधीनगर के पास उनके आश्रम में रह रही थी।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने जेल में आसाराम की उस याचिका पर गुजरात सरकार से जवाब मांगा था, जिसमें उन्होंने 2013 के बलात्कार मामले में लोअर कोर्ट के उम्र कैद की सजा को रद्द करने की मांग की गई। पीठ ने आसाराम की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इस मुद्दे पर तभी विचार करेगी जब इसके पीछे कोई चिकित्सीय आधार होगा।

तिब्बत में 7.1 तीव्रता का जोरदार भूकंप, 95 की मौत; नेपाल से बिहार-सिक्किम-बंगाल तक हिली धरती

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तिब्बत। नेपाल की सीमा से सटे तिब्बत के पहाड़ी क्षेत्र शिजांग में मंगलवार सुबह एक घंटे के अंदर आए 6 सिलसिलेवार भूकंप (Earthquake) आए, जिसमें रिक्टर स्केल पर 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप भी शामिल था। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक भूकंप के कारण तिब्बत में जानमाल का नुकसान हुआ है और करीब 95 लोगों की मौत हुई है। भूकंप ने तिब्बत के शिगात्से शहर में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इमारतों समेत इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि शिजांग स्वायत्त क्षेत्र (तिब्बत) के डिंगरी काउंटी में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप में 95 लोगों की मौत हुई है और 130 से अधिक घायल हुए हैं। भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

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सिक्किम समेत पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेपाल की राजधानी काठमांडू में तेज झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले स्थानों की ओर भाग गए।

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चीनी मीडिया के अनुसार, भूकंप के केंद्र के पास कई इमारतें भी ढह गईं। चीन के पब्लिक ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी ने कहा, ‘डिंगरी काउंटी और उसके आसपास के इलाकों में बहुत तेज झटके आए और भूकंप के केंद्र के पास की कई इमारतें ढह गईं।’ नेपाल की राजधानी काठमांडू में तेज झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर भाग गए। काठमांडू की निवासी मीरा अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘मैं सो रही थी, अचानक बेड हिलने लगा। मुझे लगा कि मेरा बच्चा बेड को हिला रहा है। मैंने उतना ध्यान नहीं दिया, लेकिन खिड़की के हिलने से मुझे लग गया कि तेज भूकंप आया है। मैंने जल्दी से अपने बच्चे को लेकर घर से बाहर भागी और खुले मैदान में चली गई।

नेपाल में 7.1 तीव्रता का भूकंप, भारत-तिब्बत में भी झटके

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, 7.1 तीव्रता का पहला भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 6:35 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास शिजांग में आया। इतनी तीव्रता का भूकंप काफी शक्तिशाली माना जाता है और गंभीर क्षति पहुंचाने में सक्षम है। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के दूसरे सबसे बड़े शिगात्से शहर में भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की। उसी शिजांग क्षेत्र से एक घंटे के अंदर भूकंप के 5 और झटके महसूस किए गए, जिनकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.7 और 4.9 मापी गई। भूकंप का केंद्र वहां स्थित था जहां भारत और यूरेशिया की टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं।

महाकुम्भ में स्वास्थ्य विभाग का दस्ता लगातार करे भ्रमण, पूछे लोगों का हाल, जरूरत हो तो उपचार कराए: मुख्यमंत्री

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लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े।

महाकुम्भ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।

HMPV पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की बड़ी बैठक, राज्यों को दिए कई निर्देश

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नई दिल्ली। देश में HMPV के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। फिलहाल देश के 5 राज्यों में इस वायरस के एक्टिव मामले मौजूद हैं। इस वायरस के कारण लोगों में डर है कि कहीं कोरोना जैसी स्थिति न बन जाए। यही कारण है कि लोग अब कई तरह के सवाल कर रहे हैं। इस एचएमपीवी को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें राज्य सरकारों को कई तरह के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता वाली बैठक में कहा गया कि ये कोई नया वायरस नहीं है, ये पिछले 20 सालों से मौजूद है। सर्दी के समय में इसके मामले बढ़ जाते हैं। इससे घबराने या फिर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने देश में श्वसन संबंधी बीमारियों की वर्तमान स्थिति और उनके प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की स्थिति की समीक्षा की गई।

HMPV को लेकर हुई बैठक में कई निर्देश

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पून्या सलिला श्रीवास्तव ने कल राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ HMPV को लेकर बैठक की। बैठक में भारत में HMPV की वर्तमान स्थिति और चीन में एचएमपीवी में बढ़ते मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसमें राज्यों को ILI (इन्फ़्लूएंज़ा जैसी बीमारी) निगरानी को मजबूत करने और समीक्षा करने की सलाह दी गई है।

इस बैठक में डॉ राजीव बहल, सचिव (डीएचआर), डॉ (प्रो) अतुल गोयल, डीजीएचएस, राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और अधिकारी, एनसीडीसी, आईडीएसपी, आईसीएमआर, एनआईवी और आईडीएसपी के राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञ शामिल हुए।

बैठक के दौरान, यह दोहराया गया कि आईडीएसपी के आंकड़े देश में कहीं भी आईएलआई/एसएआरआई मामलों में किसी भी असामान्य वृद्धि को नहीं दर्शाते हैं। यह आईसीएमआर के सेंटिनल निगरानी आंकड़ों से भी पुष्टि की जाती है।

देश में सांस संबंधी बीमारी में कोई वृद्धि नहीं- केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव

इस बैठक में उन्होंने बताया कि देश में सांस संबंधी बीमारी में कोई वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे मामलों का पता लगाने के लिए कड़ी निगरानी की जाती है। राज्यों को उपायों और बचाव के संबंध में जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने की सलाह दी गई है।

उन्होंने कहा कि सांस संबंधी बीमारियों में वृद्धि आमतौर पर सर्दियों के महीनों में देखी जाती है। उन्होंने कहा कि देश श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में किसी भी संभावित वृद्धि के लिए अच्छी तरह से तैयार है।

अमित शाह ने लॉन्च किया ‘Bharatpol’ पोर्टल

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सीबीआई के तरफ से तैयार किये गए ‘भारतपोल’ पोर्टल (Bharatpol portal) को लॉन्च कर दिया है। सीबीआई के मदद से तैयार ‘भारतपोल’ पोर्टल सभी राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच विदेश में बैठे अपराधियों को ढूंढकर लाने की कार्रवाई का रियल टाइम जानकारी साझा करना सुनिश्चित करेगा।

दरअसल विदेश में रहने वाले वांछित अपराधियों को ढूंढने के लिए इंटरपोल से नोटिस जारी करना होता है। भारत में इंटरपोल की इकाई के रूप में सीबीआई काम करती है। इसीलिए सभी राज्यों, केंद्र प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों को वांछित अपराधियों को ढूंढने के लिए सीबीआई के मार्फत इंटरपोल तक पहुंचना होता है।

पत्रों, ईमेल, फैक्स की झंझट होगी समाप्त

केंद्र, राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के स्तर पर यह समन्वय इंटरपोल लाइजन ऑफिसर के माध्यम से किया जाता है, जो अपने-अपने संगठनों में पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों और शाखा प्रमुखों से जुड़े होते हैं। वर्तमान में सीबीआई, आईएलओ और यूनिट आफिसर्स के बीच संवाद मुख्य रूप से पत्रों, ईमेल और फैक्स के जरिये होता है। ‘भारतपोल’ पोर्टल अब इन झंझटों से मुक्ति दिला देगा और रियल टाइम पर सारी जानकारी साझा हो सकेगी।

अंतरराष्ट्रीय अपराधियों की आसानी से मिलेगी जानकारी

‘भारतपोल’ पोर्टल के इस्तेमाल से अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए सभी अनुरोधों पर कार्रवाई को सुव्यवस्थित किया सकेगा। इनमें रेड कार्नर और अन्य रंगों के इंटरपोल नोटिस जारी करना शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय सहायता तक आसान और तेज पहुंच की सुविधा से अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में भी मदद मिलेगी।

क्यों पड़ी इंटरपोल की जरूरत?

दरअसल, इंटरपोल की जरूरत पहले विश्व युद्ध के बाद महसूस हुई, जब यूरोप में अपराध तेजी से बढ़ने लगे। अपराधी एक देश में अपराध कर दूसरे देश में छिप जाते। ऐसे अपराधियों से मुकाबला करने के लिए 20 देशों ने मिलकर इंटरपोल की स्थापना की। 7 सितंबर 1923 को ऑस्ट्रिया के विएना में इसकी स्थापना हुई थी। हालांकि, उस समय इंटरपोल को इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस कमीशन कहा जाता था, लेकिन 1956 से इसे इंटरपोल इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन कहा जाने लगा।

नेपाल में 7.1 तीव्रता का जोरदार भूकंप, 53 की मौत; बिहार में भी महसूस किए गए झटके

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नेपाल में एक बार फिर जोरदार भूकंप (Earthquake) आया है। जिसकी रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गयी। इस भूकंप में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और 60 घायल हो गए। इस भूकंप के झटके भारत के कुछ इलाकों में भी महसूस किए गए। जिनमें बिहार और उत्तर भारत के कई हिस्से शामिल हैं।

चीन की सरकारी मीडिया ने एएफपी के हवाले से जानकारी दी कि मंगलवार सुबह तिब्बत-नेपाल सीमा के पास 7.1 तीव्रता का भूकंप आने से कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई और 60 घायल हो गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप सुबह 6.35 बजे भारतीय समयानुसार आया और इसका केंद्र तिब्बत क्षेत्र में था, जो नेपाल के लोबुचे से लगभग 93 किलोमीटर उत्तर पूर्व में है। 10 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित भूकंप ने बिहार और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी झटके महसूस किए।

नेपाल में खुंबू ग्लेशियर के पास स्थित लोबुचे, काठमांडू से लगभग 150 किलोमीटर पूर्व में स्थित है और एवरेस्ट बेस कैंप के करीब है। चीनी सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, चीन की भूकंप निगरानी एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की गयी।

बिहार के इन जिलों में महसूस किए गए झटके

बिहार के कई जिलों में मंगलवार सुबह दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहली बार 6 बजकर 29 मिनट पर तो दूसरी बार 6 बजकर 38 मिनट पर भूकंप आया। राज्य के मुंगेर, गोपालगंज, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेगूसराय, पटना सहित कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।