हमीरपुर में ओवरलोड ट्रकों को रोकने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। भाजपा जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद ने इस पूरे प्रकरण से खुद को अलग कर लिया है। इससे पहले वायरल वीडियो के आधार पर यह दावा किया जा रहा था कि उन्होंने सड़क पर उतरकर करीब 15 ट्रकों को रोका और प्रशासन के हवाले किया, लेकिन अब उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शकुंतला निषाद ने कहा कि वायरल वीडियो के माध्यम से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ओवरलोड ट्रकों की चेकिंग से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, 30 मार्च की रात वह एक प्रशिक्षण कार्यक्रम से लौट रही थीं, तभी बिवांर थाना क्षेत्र के जलालपुर रोड पर एक ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि हादसे के बाद उनके साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने संबंधित ट्रक को रोका था, लेकिन किसी भी प्रकार की चेकिंग या अन्य ट्रकों को रोकने की कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके नाम से जो दावे किए जा रहे हैं, वे भ्रामक और गलत हैं। वहीं, 31 मार्च को सामने आए वीडियो में उन्हें और उनके समर्थकों को हाईवे पर ट्रकों को रोकते हुए देखा गया था, जिससे विवाद और गहरा गया।
इस मामले में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अमिताभ राय की जांच रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें बताया गया कि पकड़े गए 15 में से 14 वाहन अंडरलोड थे और उनके पास आवश्यक दस्तावेज भी मौजूद थे। केवल एक वाहन को ही सीज किया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने घटना की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी थी और पूरे मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।


