नेपाल में आगामी पांच मार्च को होने वाले आम चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से सख्त कर दिया गया है। नेपाल सेना ने बुधवार को स्पष्ट किया कि चुनाव को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए तीन चरणों वाली एकीकृत सुरक्षा योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत चुनाव से पहले, चुनाव के दिन और चुनाव के बाद तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इस आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा के कुल 275 सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। इसके लिए देशभर में एक करोड़ 89 लाख से अधिक पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग के अनुसार मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा। मतदान प्रतिशत बढ़ाने और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
नेपाल सेना के प्रवक्ता राजाराम बसनेट ने बताया कि चुनाव से पहले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों को चुनाव ड्यूटी के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। संयुक्त अभ्यास भी कराए गए हैं, ताकि सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे।
चुनाव के दौरान सेना मतदान केंद्रों और मतगणना स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके अलावा हवाई गश्त के माध्यम से दूरदराज और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल भी तैनात किए गए हैं।
सुरक्षा योजना में संदिग्ध वस्तुओं को निष्क्रिय करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बम निरोधक दस्तों और तकनीकी विशेषज्ञों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। मतदान केंद्रों के आसपास नियमित जांच और तलाशी अभियान चलाए जाएंगे।
मतदान के दिन सभी केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। इसमें स्थानीय सुरक्षा बल, सशस्त्र पुलिस और नेपाल सेना के जवान शामिल होंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रवेश और निकास पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
चुनाव के बाद मतपेटियों की सुरक्षा भी इस योजना का अहम हिस्सा है। मतपेटियों को एकत्र करने और उन्हें मतगणना स्थलों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए एकीकृत टीमें तैनात रहेंगी। इन टीमों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ चुनाव अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
इस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के तहत कुल लगभग 3,30,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें नेपाल सेना के करीब 80,000 जवान शामिल होंगे, जबकि शेष बल नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल से होंगे। सभी बल नेपाल सेना के समन्वय में कार्य करेंगे।
सीमा क्षेत्रों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर आवागमन की कड़ी जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसका उद्देश्य बाहरी हस्तक्षेप और अवैध गतिविधियों को पूरी तरह रोकना है।
नेपाल सेना और प्रशासन का कहना है कि इन कड़े सुरक्षा इंतजामों का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना और मतदाताओं में विश्वास पैदा करना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन व्यवस्थाओं के चलते आम चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे और लोकतंत्र की नींव और मजबूत होगी।


