लखनऊ| नए वर्ष के पहले दिन राजधानी में करीब पांच लाख लोगों के जाम में फंसने के मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। एडीसीपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह और एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को उनके पदों से हटा दिया गया है। एडीसीपी हाईकोर्ट सुरक्षा राघवेंद्र सिंह को नया एडीसीपी ट्रैफिक बनाया गया है, जबकि एसीपी ट्रैफिक की जिम्मेदारी अब शशि प्रकाश मिश्र को सौंपी गई है।
पुलिस आयुक्त ने एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र कुमार शर्मा को हटाकर उन्हें अलीगंज सर्किल का चार्ज दे दिया है। वहीं, एडीसीपी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह को हाईकोर्ट सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले शनिवार को इस मामले में चौकी प्रभारी सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट को लाइन हाजिर किया जा चुका है। टीआई चौक के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए डीसीपी ट्रैफिक को रिपोर्ट भेजी गई थी।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कहीं भी जाम की स्थिति न बने और इसके लिए ट्रैफिक व्यवस्था की ठोस रणनीति तैयार की जाए। इसके बावजूद नए साल के दिन शहर में जगह-जगह भारी जाम लगा, जिससे आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिली।
जांच में सामने आया है कि नए साल के मौके पर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर की गई अत्यधिक बैरिकेडिंग जाम की बड़ी वजह बनी। बैरिकेडिंग के चलते वाहनों का आवागमन बाधित हुआ और हजारों लोग घंटों जाम में फंसे रहे। इसके अलावा शहर में रोड इंजीनियरिंग की खामियां और राजधानी के करीब 75 ब्लैक स्पॉट भी जाम और हादसों की बड़ी वजह बने हुए हैं।
प्रशासन का कहना है कि अब ट्रैफिक व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही तय करते हुए आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।






