संभल। चैत्र नवरात्रि का समापन जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर किया गया। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से व्रत खोले और देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिरों और घरों में कन्या पूजन का विशेष आयोजन हुआ, वहीं शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों स्थानों पर भंडारे आयोजित किए गए।
संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर में सुबह मंगला आरती के साथ ही दर्शन का क्रम शुरू हो गया। श्रद्धालु घरों में पूजा करने के बाद मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने यज्ञ में आहुति दी और देवी मां के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शहर के प्रमुख मंदिरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी नवरात्रि के समापन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। श्रीराम दरबार मंदिर, श्रीराधाकृष्ण मंदिर और श्रीसनातन धर्म पंजाबी मंदिर समेत सैकड़ों मंदिरों में बड़े स्तर पर भंडारों का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
नवरात्र व्रत के समापन पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु सीमा आर्य ने बताया कि नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप माना जाता है। इस पूजन में नौ कन्याओं के साथ एक लांगुरिया और एक भैरव बाबा को भी भोजन कराया जाता है, जिससे कुल 11 बच्चों को भोजन कराने की परंपरा निभाई जाती है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि कन्याओं को भोजन कराने से देवी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली का वास होता है। यह परंपरा भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे लोग पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाते हैं।


