वाराणसी। नमो घाट पर गंगा किनारे शुरू की गई वाटर स्पोर्ट्स सुविधा को एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन यह सुविधा अब तक सैलानियों के बीच खास लोकप्रिय नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि दिनभर नावों के चालक और कर्मचारी यात्रियों के आने का इंतजार करते नजर आते हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं को नया आकर्षण देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना पर फिलहाल महंगे किराये ने ब्रेक लगा दिया है।
नमो घाट पर संचालित इस वाटर स्पोर्ट्स सुविधा का संचालन उत्तराखंड की निजी कंपनी सुमित्रा इंटरप्राइजेज द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में यहां दो जेट स्की और एक स्पीड बोट उपलब्ध हैं। जेट स्की पर एक समय में केवल एक ही यात्री बैठ सकता है, जबकि स्पीड बोट में एक साथ छह यात्रियों के बैठने की क्षमता है। दोनों ही प्रकार की नावें पावर पेट्रोल से संचालित होती हैं और गंगा की धारा में सीमित दायरे में चलाई जाती हैं।
संचालन कंपनी की ओर से जेट स्की का किराया प्रति व्यक्ति 300 रुपये निर्धारित किया गया है, लेकिन इस राशि में यात्रियों को 300 मीटर का सफर भी नहीं कराया जाता। इसी तरह स्पीड बोट का किराया भी आम लोगों की पहुंच से बाहर बताया जा रहा है। कम दूरी और अधिक शुल्क के चलते पर्यटक और स्थानीय लोग इस नई सुविधा में खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि इतनी कम दूरी के लिए किराया अधिक है, जिससे रोमांच का अनुभव भी अधूरा रह जाता है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का मानना है कि यदि किराये में कमी की जाए या दूरी और समय बढ़ाया जाए तो यह सुविधा अधिक आकर्षक बन सकती है। वहीं जानकारों का कहना है कि नमो घाट पर वाटर स्पोर्ट्स को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार के साथ-साथ शुल्क संरचना पर भी पुनर्विचार जरूरी है। फिलहाल गंगा किनारे शुरू की गई यह सुविधा अपनी संभावनाओं के अनुरूप रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है और सैलानियों की संख्या बढ़ने का इंतजार कर रही है।


