नई दिल्ली।
अब तक दूध, घी, दवाइयों और मसालों में मिलावट की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब कार–बाइक के इंजन ऑयल में भी नकलीवाड़ा पकड़े जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली के अलीपुर इलाके में DIU टीम ने छापेमारी कर नकली Castrol इंजन ऑयल तैयार करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
DIU टीम की कार्रवाई में फैक्ट्री से 239 लीटर नकली इंजन ऑयल, 3,000 फर्जी बारकोड, 11,220 नकली MRP स्टिकर सीलिंग मशीन, ऑयल पंप, डाई और माप उपकरण बरामद किए गए हैं।
जांच में सामने आया है कि यह कोई अस्थायी सेटअप नहीं, बल्कि पूरी तरह प्रोफेशनल नकली कारखाना था, जहां ब्रांडेड पैकिंग की नकल कर बाजार में नकली ऑयल सप्लाई किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में बारकोड और स्टिकर यह संकेत देते हैं कि यह फैक्ट्री एक-दो दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से संचालित हो रही थी। सवाल यह भी उठ रहा है कि इतनी बड़ी गतिविधि के बावजूद संबंधित विभागों की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि नकली इंजन ऑयल की सप्लाई सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि अन्य राज्यों में भी इसे भेजा जा रहा था। इस मामले में सप्लाई चेन, GST और लाइसेंस से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार नकली इंजन ऑयल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है, जिससे दुर्घटना और जान-माल के खतरे की आशंका बढ़ जाती है।
DIU टीम ने फैक्ट्री को सील कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।


