आवास विकास तिराहा पर स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, नागरिकों में आक्रोश
Farrukhabad। नगर पालिका की स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आवास विकास तिराहा क्षेत्र में खुले में कूड़ा भरकर ले जाता ट्रैक्टर—जिसकी तस्वीर सामने आई है—नगर पालिका की घनघोर लापरवाही को उजागर करता है। खुले ट्रैक्टर-ट्रॉली में बिना ढकाव के कूड़ा ढोए जाने से सड़क पर गंदगी फैल रही है, दुर्गंध उठ रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति न केवल स्वच्छ भारत अभियान की भावना के विपरीत है, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ा उठान के दौरान ट्रैक्टर से कचरा सड़क पर गिरता रहता है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर आवास विकास तिराहा जैसे व्यस्त चौराहे पर यह लापरवाही यातायात में बाधा, फिसलन और दुर्घटना का कारण बन रही है। गर्मी के मौसम में दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों का प्रकोप और बढ़ जाता है, जिससे डेंगू, मलेरिया व अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है।
नियमों के अनुसार कूड़ा ढोने के लिए ढके हुए वाहन, टेंटेड ट्रॉली अथवा कम्पैक्टर का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि रास्ते में कचरा न गिरे और बदबू न फैले। इसके बावजूद खुले ट्रैक्टर का इस्तेमाल नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नागरिकों का आरोप है कि निगरानी के अभाव और जवाबदेही तय न होने से स्वच्छता अभियान कागजों तक सीमित रह गया है।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने मांग की है कि कूड़ा उठान के लिए तत्काल ढके वाहन लगाए जाएं, समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई हो। साथ ही, चौराहों व प्रमुख मार्गों पर नियमित सैनिटाइजेशन और कूड़ा बिखरने की घटनाओं पर त्वरित दंडात्मक कदम उठाए जाएं।




