प्रशासन की तत्परता से टली बाल विवाह की घटना, बालिग होने के बाद ही होगी शादी
अयोध्या। जिले में बाल विवाह की एक घटना को प्रशासन की सतर्कता के चलते समय रहते रोक दिया गया। सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर नाबालिग दूल्हा-दुल्हन का विवाह रुकवा दिया और दोनों पक्षों से चौकी पर लिखित सहमति पत्र भी कराया।
जानकारी के अनुसार पूराकलंदर थाना क्षेत्र के सरेठी गांव से एक बारात पलिया गांव जा रही थी। इसी दौरान प्रशासन को सूचना मिली कि दूल्हा और दुल्हन दोनों ही नाबालिग हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और विवाह की तैयारियों को तत्काल रुकवा दिया।
बताया गया कि दुल्हन की उम्र लगभग 14 वर्ष है, जबकि दूल्हे की उम्र 18 वर्ष बताई गई। दोनों की उम्र कानूनी विवाह आयु से कम होने के कारण प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शादी को रुकवा दिया।
मामले की जानकारी मिलने पर राज्य महिला आयोग की सदस्य भी मौके पर पहुंचीं और दोनों परिवारों से बातचीत कर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया।
इसके बाद दोनों पक्षों को चौकी पर बुलाकर लिखित सहमति पत्र लिया गया, जिसमें यह तय किया गया कि दूल्हा-दुल्हन के बालिग होने के बाद ही विवाह संपन्न कराया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन लगातार सतर्क है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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क्या कहता है कानून
बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह कराना कानूनन अपराध माना जाता है, जिसमें संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती
अयोध्या में नाबालिग दूल्हा-दुल्हन का विवाह रुकवाया


