आगरा| आठ साल की मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुनील को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सुनील नशे का आदी था और दिन के अधिकांश समय शराब के नशे में ही रहता था। उसकी आपराधिक और संदिग्ध हरकतों के चलते परिवार और समाज दोनों ही उससे दूरी बना चुके थे।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सुनील ने मासूम बच्ची को टॉफी और बिस्किट का लालच देकर अपने कमरे में बुलाया। वहां उसने दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए बच्ची का गला चाकू से दो बार रेत दिया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने की नीयत से उसने बच्ची के शव को आटे के ड्रम में छिपा दिया। बताया जा रहा है कि वह ड्रम को ठिकाने लगाने की फिराक में था, लेकिन बच्ची के लापता होने पर पुलिस की सक्रियता के कारण वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के मुताबिक, मोहल्ले के लोगों ने भी पुष्टि की कि सुनील का व्यवहार लंबे समय से संदिग्ध था। वह दिन में करीब 8 घंटे तक नशे में रहता था और आए दिन झगड़े करता था। उसकी हरकतों के चलते पत्नी कई साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी, जबकि माता-पिता ने भी उसे घर से अलग कर दिया था। करीब छह महीने पहले ही वह एक मकान में किराए पर रहने आया था और आसपास के लोगों से दूरी बनाकर रखता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि सुनील बच्चों को अक्सर टॉफी-बिस्किट का लालच देकर अपने पास बुलाता था और उनसे नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करता था। हालांकि उसकी इन हरकतों पर पहले किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। घटना के दिन भी वह नशे में था और वारदात को अंजाम देने के बाद पूरे सबूत मिटाने की योजना बना रहा था।
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया। करीब 100 पुलिसकर्मियों की 10 टीमें गठित की गईं, जिन्होंने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, शराब ठेके व अन्य संभावित स्थानों पर तलाश की। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस को बाद में सूचना मिली कि आरोपी ताजगंज क्षेत्र के एक मंदिर में छिपा हुआ है, जहां वह मजदूर बनकर रह रहा था। कई दिनों तक बचने के बाद आखिरकार पुलिस ने उसे बमरौली कटारा क्षेत्र में घेर लिया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही ढेर कर दिया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने भी आरोपी के कृत्य को घोर अपराध बताते हुए कहा कि उसे उसके कर्मों की सजा मिल गई है। वहीं पीड़ित परिवार ने भी मुठभेड़ को न्याय करार दिया और कहा कि उनकी मासूम बच्ची को जिस बेरहमी से मारा गया, उसके लिए कड़ी से कड़ी सजा जरूरी थी।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पुलिस की तत्पर कार्रवाई से लोगों में कुछ हद तक भरोसा भी कायम हुआ है।
टॉफी-बिस्किट का लालच देकर मासूम की हत्या करने वाला दरिंदा मुठभेड़ में ढेर


