फर्रुखाबाद। जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस और आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ के बाद बहुचर्चित किशोरी हत्याकांड का मुख्य आरोपी विवेक पाल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि एक सिपाही भी फायरिंग में जख्मी हुआ है। दोनों घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम सिरोली निवासी विवेक पाल काफी समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई थीं। बीती रात पुलिस को सूचना मिली कि वह ग्राम राजारामपुर क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। इस दौरान विवेक पाल के पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बाइक, 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए गए हैं। वहीं आरोपी की फायरिंग में सिपाही अरविंद भी घायल हो गया।
यह मामला उस समय सामने आया था जब नवाबगंज क्षेत्र की कक्षा 9 की एक किशोरी अचानक लापता हो गई थी। जांच में सामने आया कि किशोरी ने अपने प्रेमी के कहने पर 28 मार्च की रात परिजनों को नशीला पदार्थ मिलाकर दूध पिलाया और घर से जेवर व नकदी लेकर फरार हो गई थी। परिजनों की तहरीर पर 30 मार्च को अंशुल पाल, रोहित पाल और विवेक पाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने पहले अंशुल पाल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि किशोरी उस पर शादी का दबाव बना रही थी और घर लौटने से इनकार कर रही थी। इसी दौरान उसने अपने साथी विवेक पाल के साथ मिलकर किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को खेत में छिपा दिया। अगले दिन दोनों ने शव को बोरी में भरकर बाइक से ग्राम कुम्हौली स्थित काली नदी किनारे फेंक दिया।
कुछ दिन बाद पुलिस ने किशोरी का शव कुम्हौली के अंत्येष्टि स्थल के पास बरामद किया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इस घटना के बाद से ही पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
नवाबगंज में पुलिस मुठभेड़: किशोरी हत्याकांड का मुख्य आरोपी घायल अवस्था में गिरफ्तार


