बीजापुर (छत्तीसगढ़)। जिले के इंद्रावती नदी क्षेत्र में माओवादियों की सक्रिय मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने व्यापक एंटी-माओवादी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान बृहस्पतिवार सुबह घने जंगलों से घिरे इंद्रावती नदी इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हो गई।

पुलिस अधीक्षक Dr. Jitendra Yadav ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चलाए गए सघन सर्च अभियान में वर्दीधारी दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल और एक 12 बोर बंदूक सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अन्य माओवादी उपयोग की वस्तुएं भी बरामद की गई हैं।

जानकारी के अनुसार, खुफिया तंत्र से प्राप्त इनपुट के आधार पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम को इंद्रावती नदी के समीप जंगल क्षेत्र में रवाना किया गया था। तलाशी अभियान के दौरान माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभाला। दोनों ओर से कुछ समय तक चली गोलीबारी के बाद माओवादी जंगल की आड़ लेकर भाग निकले।

मुठभेड़ के उपरांत पूरे क्षेत्र में सर्चिंग तेज कर दी गई है, ताकि फरार उग्रवादियों की तलाश की जा सके और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और सामग्री से स्पष्ट है कि माओवादी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे।

उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिला लंबे समय से नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने सघन अभियान चलाकर कई ठिकानों को ध्वस्त किया है और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इंद्रावती नदी क्षेत्र में हुई ताजा मुठभेड़ को भी सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अभियान अभी जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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