लखनऊ। राजधानी में संपत्ति कर वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत ऐसे कई प्रतिष्ठानों और संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की गई जिन पर लंबे समय से लाखों रुपये का संपत्ति कर बकाया चल रहा था। नगर निगम की टीम ने संबंधित भवन स्वामियों और संस्थानों को पहले कई बार नोटिस जारी कर बकाया कर जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान न किए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई भवनों को सील कर दिया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान और संस्थान हैं जिन पर वर्षों से संपत्ति कर बकाया है। इससे नगर निगम के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और शहर के विकास कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होती है। अधिकारियों ने बताया कि बकाया कर वसूली के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जांच कर रही हैं और बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं।
अभियान के दौरान नगर निगम की टीम ने कई प्रमुख बाजार क्षेत्रों और व्यावसायिक परिसरों का निरीक्षण किया। जिन भवनों के मालिकों ने बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद कर जमा नहीं किया, उनके भवनों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी हलचल देखने को मिली। अधिकारियों ने बताया कि कई बकायेदारों ने कार्रवाई के बाद तुरंत कर जमा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर में संपत्ति कर नगर निगम की आय का एक प्रमुख स्रोत है, जिससे सड़क, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्कों के रख-रखाव और अन्य जन सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जाते हैं। यदि समय पर कर की वसूली नहीं होती है तो इन विकास कार्यों पर असर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बकाया कर की वसूली के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि नगर निगम की टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं और जिन भवनों पर कर बकाया पाया जाएगा, उनके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि जिन लोगों ने अब तक संपत्ति कर जमा नहीं किया है, वे जल्द से जल्द अपना बकाया जमा कर दें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष या संस्था के खिलाफ नहीं बल्कि नियमों और सरकारी व्यवस्था के तहत की जा रही है। अधिकारियों ने शहर के नागरिकों और व्यापारियों से अपील की है कि वे समय पर संपत्ति कर जमा करें और नगर निगम के साथ सहयोग करें, ताकि शहर के विकास और जन सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।


