अयोध्या। जनपद में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित डॉक्टर और स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के मुताबिक, गर्भवती महिला को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां डॉक्टर उपलब्ध न होने का हवाला देकर उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद महिला को ‘मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल’ भेजा गया, जहां प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिलने और अस्पताल की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक घटना हुई। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. अंजली श्रीवास्तव और अस्पताल स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि संबंधित अस्पताल को पहले भी अनियमितताओं के चलते सीएमओ के आदेश पर सीज किया जा चुका था, बावजूद इसके वहां इलाज जारी रहा, जो अपने आप में बड़ा सवाल खड़ा करता है।
घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज


