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Thursday, March 12, 2026

ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हमले को लेकर अमेरिका में उठे सवाल, 40 से अधिक सीनेटरों ने पेंटागन से मांगा जवाब

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वाशिंगटन: ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी संसद के 40 से अधिक सीनेटरों ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए पेंटागन से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। सांसदों का कहना है कि इस हमले में बड़ी संख्या में मासूम बच्चों की मौत हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराना बेहद जरूरी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह घटना ईरान के मिनाब क्षेत्र में हुई, जहां लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय पर एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि इस हमले में 7 से 12 वर्ष की कई बच्चियों सहित बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता व्यक्त की जा रही है।

अमेरिका के कई सांसदों ने इस हमले को लेकर रक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी मांगी है और यह स्पष्ट करने को कहा है कि आखिर यह हमला किन परिस्थितियों में हुआ।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख सांसदों में सीनेटर क्रिस वैन होलेन, टिम केन, एलिजाबेथ वॉरेन और ब्रायन शैट्ज शामिल हैं। इसके अलावा सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर समेत 40 से अधिक सांसदों ने इस पत्र का समर्थन किया है।

सांसदों ने अपने पत्र में कहा है कि ईरान के खिलाफ शुरू की गई सैन्य कार्रवाई को कांग्रेस की मंजूरी नहीं मिली थी। ऐसे में इस तरह के हमलों को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध की स्थिति में भी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का पालन किया जाना चाहिए।

सीनेटरों ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि जिस हमले की खबर सामने आई है उसमें बड़ी संख्या में मासूम बच्चियां हताहत हुई हैं। उनका कहना है कि आम नागरिकों, खासकर बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

सांसदों ने पेंटागन से यह भी मांग की है कि इस घटना की स्वतंत्र जांच कराई जाए और जांच के नतीजों को सार्वजनिक किया जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि यदि किसी प्रकार की गलती या लापरवाही सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मिनाब में जिस स्कूल पर हमला होने की बात कही जा रही है, वह एक नौसैनिक ठिकाने के नजदीक स्थित बताया जा रहा है। इसी कारण सांसदों ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या हमले के दौरान लक्ष्य की पहचान ठीक से की गई थी और क्या आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त सावधानी बरती गई थी।

सांसदों ने यह भी जानना चाहा है कि इस सैन्य कार्रवाई की योजना बनाते समय क्या किसी प्रकार की आधुनिक तकनीक या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया गया था। उन्होंने यह भी पूछा है कि यदि एआई आधारित लक्ष्य निर्धारण किया गया था तो उसकी पुष्टि के लिए क्या सुरक्षा उपाय अपनाए गए थे।

इस बीच अमेरिकी मानवाधिकार संगठनों और मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए सांसदों ने बताया कि 10 मार्च तक जारी संघर्ष में 1,245 से अधिक आम नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं।

सांसदों ने यह भी चिंता जताई कि युद्ध के दौरान अस्पतालों, सांस्कृतिक धरोहर स्थलों और अन्य जरूरी ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। उनका कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में भारी हथियारों के इस्तेमाल से आम नागरिकों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।

वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमले से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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