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Wednesday, February 25, 2026

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पर बच्चों की वैक्सीन नीति को लेकर मुकदमा, 10 से अधिक राज्यों ने दी चुनौती

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संयुक्त राज्य अमेरिका में बच्चों के टीकाकरण संबंधी सिफारिशों में बदलाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन कानूनी संकट में घिरता नजर आ रहा है। 10 से अधिक अमेरिकी राज्यों ने संघीय सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया है कि नई गाइडलाइन सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। राज्यों का कहना है कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य के साथ समझौता है।

मंगलवार को दायर याचिका में राज्यों ने तर्क दिया कि सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने पिछले महीने घोषणा कर दी कि वह सभी बच्चों को फ्लू, रोटावायरस, हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B, कुछ प्रकार के मेनिनजाइटिस और आरएसवी से बचाने के लिए टीकाकरण की सार्वभौमिक सिफारिश बंद करेगा। राज्यों के मुताबिक, यह निर्णय दशकों से चली आ रही वैज्ञानिक और चिकित्सकीय सलाह के विपरीत है।

एरिजोना, कैलिफोर्निया सहित कई राज्यों का कहना है कि नई नीति से उनके यहां संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इससे स्वास्थ्य तंत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। एरिजोना के अटॉर्नी जनरल क्रिस मेयस ने प्रेस वार्ता में कहा कि बच्चों की सेहत कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं होना चाहिए और इसे दलगत राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

सरकार के नए दिशा-निर्देशों की चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी आलोचना की है। कई सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमित टीकाकरण दर में गिरावट आती है तो सामुदायिक प्रतिरक्षा (हर्ड इम्युनिटी) कमजोर पड़ सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा।

वहीं, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज की प्रेस सचिव एमिली जी हिलियार्ड ने इन आरोपों को “पब्लिसिटी स्टंट” करार देते हुए खारिज कर दिया। उनका कहना है कि प्रशासन वैज्ञानिक समीक्षा के आधार पर नीतिगत बदलाव कर रहा है और इसमें सार्वजनिक हित को प्राथमिकता दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर पहले से ही टीकाकरण के मुद्दे पर विवादों में रहे हैं। टीकों को लेकर उनके रुख ने संघीय सरकार और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच तनाव बढ़ा दिया है। विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन विज्ञान आधारित नीतियों से हट रहा है।

ट्रंप प्रशासन पहले ही संघीय स्वास्थ्य एजेंसियों से हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुका है और वैज्ञानिक अनुसंधान व फंडिंग में कटौती की गई है। आलोचकों का कहना है कि इन कदमों से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर हो सकती है।

कैनेडी ने पिछले वर्ष एक वैक्सीन सलाहकार समिति के सभी सदस्यों को हटाकर अपनी पसंद के सदस्यों की नियुक्ति की थी। ताजा मुकदमे में इसे गैरकानूनी और प्रक्रियात्मक नियमों के खिलाफ बताया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस बदलाव से वैज्ञानिक निष्पक्षता प्रभावित हुई है।

यह मुकदमा ऐसे समय आया है जब कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और ओरेगन के डेमोक्रेटिक गवर्नरों ने अपनी स्वतंत्र वैक्सीन सिफारिशें तय करने के लिए एक साझा गठबंधन बनाया है। उनका कहना है कि संघीय स्तर पर एजेंसियों का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जिससे आम लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है।

गौरतलब है कि स्कूली बच्चों के लिए टीकाकरण अनिवार्य करने का अधिकार राज्यों के पास होता है, न कि केंद्र सरकार के पास। हालांकि, सीडीसी की सिफारिशें आम तौर पर राज्यों की स्वास्थ्य नीतियों को प्रभावित करती हैं। अब यह मामला अदालत में है और आने वाले समय में इसका अमेरिकी सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति पर व्यापक असर पड़ सकता है।

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