हाईकोर्ट के निर्देश पर परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर निगरानी, टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ 11 दिसंबर को धरना

0
31

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर एक कमेटी का गठन किया गया है। शिक्षा विभाग इसे डिजिटल अटेंडेंस लागू होने से पहले की तैयारी के रूप में देख रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि उन्हें डिजिटल उपस्थिति प्रणाली से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उसके साथ जरूरी सुविधाएं और अवकाश व्यवस्था भी लागू की जानी चाहिए।

उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि शिक्षकों को ईएल (अर्जित अवकाश), सीएल (साधारण अवकाश), हाफ डे और चिकित्सा सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में यदि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंच पाते तो उन्हें इन छुट्टियों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि बिना सुविधाएं दिए सख्त उपस्थिति व्यवस्था लागू करना शिक्षकों के साथ अन्याय होगा।

इसी बीच टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन भी तेज होता दिख रहा है। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरने की घोषणा की है।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने संगठन के पदाधिकारियों को पत्र जारी कर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने 11 दिसंबर तक टीईटी अनिवार्यता पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो फरवरी 2026 में रामलीला मैदान से संसद तक रैली निकाली जाएगी।

संघ का दावा है कि इस आंदोलन में देशभर के लाखों शिक्षक शामिल होंगे, जो एक स्वर में सरकार से पुरानी भर्ती नियमावली और शिक्षकों के अधिकारों की बहाली की मांग करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here