बागपत
कुंभ मेले में वायरल हुई मोनालिसा की शादी का मामला अब गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। जांच में यह सामने आया है कि जिस लड़की को बालिग बताकर शादी कराई गई थी, वह वास्तव में नाबालिग है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय जनजाति आयोग (NCST) की जांच में पता चला कि शादी के समय मोनालिसा की उम्र महज 16 वर्ष 2 माह थी। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच में दस्तावेजों और स्थानीय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की गई, जिसमें उम्र से जुड़े तथ्य स्पष्ट हुए।
जांच के बाद मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आयोग ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों को दिल्ली तलब किया है। इसका उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी लेना और आगे की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस कदम से साफ है कि मामला अब उच्च स्तर पर पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि यह शादी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आई थी, जिसके बाद कई सवाल उठे थे। इन्हीं सवालों के चलते आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की थी। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों के आधार पर जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


