वृंदावन: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) रविवार सुबह वृंदावन स्थित केशवधाम (Keshavdham) पहुंचे। भोपाल से रेल मार्ग द्वारा आए संघ प्रमुख यहां सात दिन तक प्रवास करेंगे और इस दौरान संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का शुभारंभ भारत माता के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। बैठक में संघ के 38 केंद्रीय पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार बैठक में संघ के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर के गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित करने, संघ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने, और अधिक से अधिक लोगों को संघ से जोड़ने की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सत्रों में संघ की गतिविधियों और संगठन के भविष्य के मार्ग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में राज्यों से लोगों के पलायन, सामाजिक समरसता की स्थिति, पड़ोसी देशों में बढ़ती हलचल और हाल की हिंसक घटनाओं पर भी गहन चिंतन किया जाएगा।
बैठक का कार्यक्रम दिन के चार सत्रों में आयोजित किया गया। पहला सत्र सुबह 8 बजे से प्रारंभ हुआ, दूसरा सत्र 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। भोजन अवकाश के बाद तीसरा सत्र 1 बजे से 3 बजे और चौथा सत्र 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित किया गया। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में संघ के अनुषांगिक संगठनों के मंत्री भी सात और आठ जनवरी को शामिल होंगे। इससे पहले इसी तरह की बैठक गुजरात में आयोजित की गई थी। संघ की यह कार्यकारिणी बैठक वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है और इसका उद्देश्य संगठन के सभी निर्णयों और गतिविधियों पर समन्वय और दिशा निर्देश देना होता है।
बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे देश में चलाए जाने वाले विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की। इसमें गांव-गांव में स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण, सामाजिक गतिविधियों और जागरूकता अभियान शामिल हैं, ताकि संघ का संदेश हर नागरिक तक पहुँच सके


