लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की। यह भेंट लखनऊ में हुई, जिसे राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान प्रदेश से जुड़े विभिन्न संगठनात्मक विषयों और समसामयिक राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसे सामान्य शिष्टाचार भेंट से अधिक महत्व दिया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संघ और सरकार के बीच समय-समय पर संवाद की परंपरा रही है। ऐसे में यह बैठक आगामी राजनीतिक रणनीतियों, संगठनात्मक समन्वय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श का हिस्सा हो सकती है।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां की राजनीतिक गतिविधियों का राष्ट्रीय राजनीति पर भी प्रभाव पड़ता है। डिप्टी सीएम केशव मौर्य संगठन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं, ऐसे में उनकी यह मुलाकात स्वाभाविक भी मानी जा रही है।
हालांकि विपक्ष इस प्रकार की बैठकों को राजनीतिक दृष्टि से देखता है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष इसे नियमित संवाद और समन्वय की प्रक्रिया बताता है।
फिलहाल शिष्टाचार भेंट का बयान
आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया है। सरकार या संघ की ओर से अभी तक बैठक के किसी विशेष निर्णय या निष्कर्ष की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को लेकर चर्चाएं जारी हैं और आने वाले दिनों में इसके संभावित प्रभावों पर नजर बनी रहेगी।
मोहन भागवत से मिले डिप्टी सीएम केशव मौर्य


