नई दिल्ली। बांग्लादेश की राजनीति में लंबे समय से चल रहे अस्थिरता और सत्ता संघर्ष के दौर के बाद हुए आम चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ऐतिहासिक विजय दर्ज करते हुए दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। करीब 18 महीनों तक चले राजनीतिक घमासान, विरोध-प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच हुए इस चुनाव में जनता ने स्पष्ट और मजबूत जनादेश दिया है।
299 सीटों पर हुए मतदान में बीएनपी ने निर्णायक बढ़त बनाते हुए सरकार बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है। 300 सदस्यीय संसद, जिसे जातीय संसद कहा जाता है, में बहुमत के लिए 150 सीटों की आवश्यकता होती है। शेरपुर-3 सीट पर एक प्रत्याशी के निधन के कारण मतदान स्थगित कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनका आवंटन सामान्य सीटों पर दलों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार बीएनपी को स्पष्ट बहुमत मिल चुका है, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को अब तक 73 सीटों पर सफलता मिली है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम बांग्लादेश की जनता के बदलाव के मूड और स्थिर शासन की अपेक्षा को दर्शाता है। लंबे समय से जारी सत्ता संघर्ष और राजनीतिक ध्रुवीकरण के बाद मतदाताओं ने निर्णायक नेतृत्व को प्राथमिकता दी है। बीएनपी की इस जीत को देश की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बीएनपी की ऐतिहासिक जीत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजा। पीएम मोदी ने कहा कि यह जीत बांग्लादेश के लोगों के उनके नेतृत्व में विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अपने संदेश में दोहराया कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी संकेत दिया कि वह तारिक रहमान के साथ मिलकर भारत-बांग्लादेश के बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के इच्छुक हैं। उन्होंने साझा विकास, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और सशक्त बनाने की बात कही। भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं, ऐसे में नई सरकार के गठन के बाद इन संबंधों की दिशा पर विशेष नजर रहेगी।
वहीं भारत में भी इस राजनीतिक परिवर्तन पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तारिक रहमान और बीएनपी को संसदीय चुनाव में मिली ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध सदैव सहयोग और आपसी सम्मान पर आधारित रहने चाहिए।
बांग्लादेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। बीएनपी की प्रचंड जीत के बाद यह साफ है कि पार्टी मजबूत जनादेश के साथ सत्ता संभालेगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई सरकार घरेलू आर्थिक चुनौतियों, महंगाई, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों जैसे मुद्दों पर किस प्रकार कदम उठाती है, साथ ही क्षेत्रीय कूटनीति में किस दिशा में आगे बढ़ती है।
कुल मिलाकर, इस चुनाव परिणाम ने न केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में नया अध्याय खोला है, बल्कि दक्षिण एशिया की कूटनीतिक और रणनीतिक परिस्थितियों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। भारत-बांग्लादेश संबंधों में सहयोग और समन्वय का नया दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।






