अयोध्या| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने को लेकर तैयारियाँ चरम पर हैं। प्रधानमंत्री के आगमन का रूट प्रशासन और पार्टी संगठन द्वारा अंतिम रूप दे दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 25 नवंबर को प्रधानमंत्री महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विशेष हेलीकॉप्टर द्वारा साकेत महाविद्यालय परिसर में बनाए गए हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से पीएम मोदी रामपथ के मार्ग से गुजरते हुए जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार, यानी रामजन्मभूमि के गेट नंबर 11 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इस पूरे मार्ग पर सुरक्षा, स्वागत और सांस्कृतिक माहौल को लेकर प्रशासन और भाजपा संगठन ने व्यापक तैयारियाँ की हैं।
अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री का स्वागत अयोध्या की प्राचीन वैदिक परंपरा के अनुसार अत्यंत भव्य आयोजन के रूप में होगा। साकेत महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर 501 बटुक ब्राह्मण एक साथ स्वस्ति वाचन करेंगे। संत-महंतों द्वारा शंखनाद, घंटा-घड़ियाल और वैदिक ध्वनियों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया जाएगा। यह दृश्य अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत का अद्भुत प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही रामपथ पर खड़े अयोध्यावासी पुष्पवर्षा कर प्रधानमंत्री का अभिनंदन करेंगे। इस स्वागत समारोह को भव्य बनाने के लिए रामपथ पर 12 भव्य मंच बनाए गए हैं, जहाँ से लगातार पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके अलावा सात अलग-अलग स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें रामलीला झांकियां, लोकनृत्य, भजन-कीर्तन और क्षेत्रीय कलाओं का प्रदर्शन होगा, जिससे पूरा मार्ग भक्ति और उत्साह से सराबोर रहेगा।
प्रशासन भी प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरी तरह सजग है। जिला अधिकारी निखिल टीकराम फुंडे ने जानकारी दी कि साकेत महाविद्यालय में बनाए गए तीनों हेलीपैड पूरी तरह तैयार हैं और सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। यहां एक अत्याधुनिक सेफ हाउस भी तैयार कर लिया गया है। हेलीपैड परिसर की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और निर्माण सामग्री को छिपाने के लिए हरे पर्दों से कवर करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। उदया चौराहे से लेकर राम मंदिर तक रामपथ की दोनों दिशाओं में मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जा रही है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए।
इसके अलावा, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा तैनाती, मेडिकल इमरजेंसी सुविधाएँ, अग्निशमन व्यवस्था और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। एसपीजी, पुलिस, प्रशासनिक अफसरों और खुफिया एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बैठकें हो रही हैं। शहर भर में सफाई, सौंदर्यीकरण और रोशनी का विशेष इंतजाम किया गया है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए अयोध्या में उत्सव जैसा माहौल बन चुका है। स्थानीय नागरिकों में उत्साह चरम पर है, और यह आयोजन देश भर में अयोध्या की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर की भव्य झलक पेश करेगा।




