नई दिल्ली। क्रिसमस के पावन पर्व के साथ देश आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें भारत की राजनीति का ऐसा युगपुरुष बताया, जिन्होंने लोकतंत्र, सुशासन और राष्ट्रवाद को नई दिशा दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन राष्ट्र सेवा, विचारशील राजनीति और मानवीय मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। वे ऐसे राजनेता थे, जिनकी स्वीकार्यता पक्ष-विपक्ष सभी में थी। अटल जी की वाणी में कविता की कोमलता और निर्णयों में राष्ट्रहित की दृढ़ता साफ दिखाई देती थी।
अटल बिहारी वाजपेयी न केवल कुशल प्रशासक थे, बल्कि वे एक संवेदनशील कवि और विचारक भी थे। उनकी कविताएं आज भी युवाओं को प्रेरणा देती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जी ने सार्वजनिक जीवन की कठोरता के बीच भी संवेदनशीलता और संवाद की परंपरा को जीवित रखा।
अटल सरकार के कार्यकाल को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि—
पोखरण परमाणु परीक्षण से भारत ने विश्व मंच पर आत्मविश्वास दिखाया,
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना से देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली
विदेश नीति में भारत की साख को नई ऊंचाई मिली।
25 दिसंबर को देशभर में क्रिसमस के साथ-साथ सुशासन दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संयोग अपने आप में भारत की सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों को दर्शाता है, जहां सभी पर्व और महापुरुष समान रूप से सम्मानित हैं।
अटल जी की 101वीं जयंती पर देशभर में संगोष्ठियां, श्रद्धांजलि सभाएं और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा सहित कई संगठनों ने अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि
“अटल जी के विचार, उनके सिद्धांत और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देता रहेगा।”




