यूथ इंडिया विशेष।
Lucknow| डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी गलत आदतें आंखों के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं। खासकर सुबह नींद से उठते ही मोबाइल स्क्रीन देखने की आदत आंखों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। नेत्र सर्जन डॉ. अरविन्द कटियार के अनुसार, दिन की शुरुआत यदि सही ढंग से की जाए तो आंखों की थकान, जलन और कमजोर नजर जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
डॉ. कटियार बताते हैं कि सुबह के शुरुआती 10 से 15 मिनट आंखों की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय की गई छोटी लापरवाही पूरे दिन आंखों में तनाव और थकान का कारण बन सकती है।सुबह मोबाइल देखने से क्यों बचना चाहिए?डॉक्टर के अनुसार, नींद से उठते ही मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों पर अचानक तेज रोशनी का दबाव पड़ता है,
आंखों में जलन और सूखापन बढ़ जाता है,
सिरदर्द और आंखों की लगातार थकान महसूस होती है,
इसी वजह से सुबह उठते ही मोबाइल देखने की आदत से बचना बेहद जरूरी है।
नेत्र सर्जन के अनुसार, कुछ आसान आदतें अपनाकर आंखों को स्वस्थ रखा जा सकता है—प्राकृतिक रोशनी का लाभ लें,
सुबह उठकर कुछ देर खुली हवा और प्राकृतिक रोशनी में आंखें खोलें, इससे आंखों को आराम मिलता है।गुनगुने पानी से आंखें धोएं,सुबह साफ पानी से आंखें धोने से धूल, गंदगी और सूखापन दूर होता है। आंखों की हल्की एक्सरसाइज करें आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल घुमाने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
कम से कम 20–30 मिनट तक मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का उपयोग न करें।पर्याप्त पानी पिएं क्योंकि सुबह उठते ही पानी पीने से शरीर के साथ-साथ आंखों की नमी भी बनी रहती है।
डॉ. अरविन्द कटियार का कहना है कि आंखों की अनदेखी आगे चलकर गंभीर नेत्र रोगों का कारण बन सकती है। सही दिनचर्या, संतुलित जीवनशैली और थोड़ी सी सावधानी से आंखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।





