लखनऊ। प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान के तहत राज्य के 25 प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने कुल 1.45 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। दस दिन तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में कलाकारों को प्रति कार्यक्रम 50 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा, वहीं सहयोग करने वालों को एक हजार रुपये प्रति कार्यक्रम, अभिलेखीकरण के लिए पांच लाख रुपये और व्यवस्थागत खर्च के लिए प्रति कार्यक्रम 50 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
संस्कृति निदेशालय ने मिशन शक्ति अभियान के पांचवें चरण के आयोजन के लिए सभी जिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके तहत जिलाधिकारी स्तर पर समिति का गठन कर मंदिरों या धार्मिक स्थलों और कलाकारों के चयन के निर्देश दिए गए थे। अब संस्कृति निदेशालय ने नया शासनादेश जारी कर राज्य के 25 चिह्नित मंदिरों और धार्मिक स्थलों की जानकारी भी दी है, जहां इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इन चिह्नित स्थलों में प्रमुख हैं: मीरजापुर का मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर, भदोही का सीता समाहित स्थल, प्रयागराज के अलोपी देवी व ललिता देवी मंदिर, कौशांबी का कदवासिनी मंदिर, बलरामपुर का पाटेश्वरी देवी (देवीपाटन), सीतापुर का ललितादेवी मंदिर, सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर, मथुरा का कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर का मां शीतला चौकिया धाम, प्रतापगढ़ का बेल्हा देवी मंदिर, वाराणसी का विशालाक्षी देवी मंदिर, उन्नाव का चंडिका देवी मंदिर, औरैया का देवकाली मंदिर, गोरखपुर का मां तर्कुलहा देवी धाम, मऊ का मां शीतला माता स्थल, चित्रकूट का शिवानी देवी मंदिर, हमीरपुर का गायत्री शक्ति पीठ, जालौन का बैरागढ़ माता कोंच, कानपुर देहात का कुष्मांडा देवी घाटमपुर, मैनपुरी का शीतला माता मंदिर, फिरोजाबाद का चामुंडा माता मंदिर, और लखनऊ के चंद्रिका देवी व संकटा देवी मंदिर शामिल हैं।
इन स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और सम्मान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। यह अभियान न केवल धार्मिक स्थलों के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देने का अवसर है, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगा।





