– सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में नौ हमलावर ढेर
इस्लामाबाद
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में उग्रवादियों द्वारा एक सरकारी स्कूल पर कब्जा करने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस हमले ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया गया कि उग्रवादियों का एक सशस्त्र समूह अचानक स्कूल परिसर में घुस आया और वहां कब्जा कर लिया। हमलावरों ने स्कूल भवन पर लगे पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज को उतार दिया और उसकी जगह अपना झंडा फहरा दिया।
यह घटना खैबर जिले के बारा तहसील के आका खेल इलाके में स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल ख्वाजा मीर कलाय में हुई। स्कूल में हमले के समय अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आईं और मौके पर भारी बल तैनात किया गया। सुरक्षा बलों ने स्कूल परिसर को चारों ओर से घेर लिया और उग्रवादियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।
हालांकि, उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। गोलीबारी कई घंटों तक जारी रही, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
सुरक्षा बलों ने रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए एक-एक कर उग्रवादियों को निशाना बनाया। इस दौरान कुल नौ उग्रवादियों को मार गिराया गया।
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने स्कूल भवन पर दोबारा नियंत्रण स्थापित कर लिया। इसके साथ ही स्कूल पर फिर से पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी उग्रवादी संगठन ने नहीं ली है। हालांकि, जांच एजेंसियां विभिन्न संगठनों के एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं।
उग्रवादियों ने हमले के दौरान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया था। इस वीडियो में वे स्कूल पर कब्जा करते और झंडा फहराते दिखाई दे रहे थे, जिसे प्रचार का हिस्सा माना जा रहा है।
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ हमलावर भागने में सफल हो सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है। लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की गई है।
इस हमले ने एक बार फिर खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क की मौजूदगी को उजागर कर दिया है। यह क्षेत्र पहले भी आतंकवादी गतिविधियों के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले न केवल सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हैं, बल्कि आम नागरिकों के बीच भय का माहौल भी पैदा करते हैं।
सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पूरे इलाके में सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने स्कूल को सुरक्षित घोषित कर दिया है और जल्द ही सामान्य गतिविधियां बहाल किए जाने की संभावना जताई है।


