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Wednesday, January 28, 2026

एआई रेस में माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा दांव: अमेरिका में 15 नए डेटा सेंटर, भारत तक दिखेगा असर

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने अपने डेटा सेंटर नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के माउंट प्लेजेंट गांव में 15 नए डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना को स्थानीय प्रशासन से सर्वसम्मत मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना पूर्व फॉक्सकॉन औद्योगिक स्थल के पास विकसित की जाएगी।

यह फैसला केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव भारत समेत उन सभी देशों पर पड़ेगा जहां माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड, एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाओं का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती एआई मांग को देखते हुए यह निवेश माइक्रोसॉफ्ट की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, गूगल और ओरेकल जैसी बड़ी टेक कंपनियां इस समय एआई सेवाओं के लिए विशाल डेटा सेंटर तैयार करने की होड़ में हैं। इन केंद्रों में एनवीडिया की हाई-परफॉर्मेंस चिप्स का इस्तेमाल कर बड़े जनरेटिव एआई मॉडल को ट्रेन और ऑपरेट किया जाता है, जिससे चैटबॉट्स, क्लाउड प्लेटफॉर्म और एंटरप्राइज टूल्स को ताकत मिलती है।

माउंट प्लेजेंट में अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता माइक्रोसॉफ्ट को ओपनएआई और अन्य वैश्विक ग्राहकों से पहले से बुक किए गए राजस्व को औपचारिक रूप से मान्यता देने में मदद करेगी। इससे कंपनी की एआई सेवाओं की डिलीवरी तेज और अधिक भरोसेमंद हो सकेगी।

आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, प्रस्तावित डेटा सेंटर परियोजनाओं का कुल करयोग्य मूल्य 13 अरब डॉलर से अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर अब केवल तकनीकी जरूरत नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त का अहम जरिया बन चुका है।

माउंट प्लेजेंट क्षेत्र का इतिहास इस परियोजना को और अहम बनाता है। साल 2017 में फॉक्सकॉन ने यहां 10 अरब डॉलर की फैक्ट्री और 13,000 नौकरियों का वादा किया था, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन भी मिला था। हालांकि यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो पाई और स्थानीय प्रशासन को भारी वित्तीय बोझ उठाना पड़ा।

2023 तक फॉक्सकॉन पूरे विस्कॉन्सिन में केवल करीब 1,000 नौकरियां ही दे सका, जबकि गांव पर 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया। इसी अनुभव के चलते माइक्रोसॉफ्ट की इस नई परियोजना को अधिक यथार्थवादी, चरणबद्ध और टिकाऊ निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

माइक्रोसॉफ्ट का यह विस्तार उसके मौजूदा डेटा सेंटर परिसर के उत्तर-पश्चिम में स्थित दो बड़े भूखंडों पर होगा। कंपनी ने 2023 और 2024 के दौरान गांव और निजी भूमि मालिकों से जमीन खरीदी है। प्रस्तावित योजनाओं में करीब 9 मिलियन वर्ग फुट निर्माण क्षेत्र और तीन पावर सबस्टेशन शामिल हैं।

तकनीकी दृष्टि से यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़े पैमाने पर एआई सिस्टम को चलाने के लिए भारी और स्थिर बिजली आपूर्ति की जरूरत होती है। नए सबस्टेशन इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि डेटा सेंटर बिना रुकावट काम कर सकें।

भारत के लिए यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यहां माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड सेवाएं, एआई टूल्स और डिजिटल गवर्नेंस सॉल्यूशंस तेजी से अपनाए जा रहे हैं। अमेरिका में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ने से वैश्विक नेटवर्क मजबूत होगा, जिसका फायदा भारतीय स्टार्टअप्स, कंपनियों और सरकारी परियोजनाओं को अधिक स्थिर, सुरक्षित और स्केलेबल डिजिटल सेवाओं के रूप में मिलेगा।

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