लखनऊ। राजधानी में मेट्रो विस्तार को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। चारबाग से बसंतकुंज के बीच प्रस्तावित लखनऊ मेट्रो के सेकंड फेज (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। बसंतकुंज में बनने वाले अत्याधुनिक मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये का टेंडर बृहस्पतिवार को जारी कर दिया गया है। उम्मीद है कि एक से डेढ़ महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
करीब 5801 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में राज्य व केंद्र सरकार की ओर से 2900 करोड़ रुपये का अंशदान दिया जाएगा, जबकि शेष राशि ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी। हाल ही में घोषित उत्तर प्रदेश बजट में इस सेकंड फेज के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे परियोजना को वित्तीय मजबूती मिली है।
बसंतकुंज में बनेगा आधुनिक मेट्रो डिपो
सेकंड फेज का डिपो बसंतकुंज में बनाया जाएगा, जहां ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनों की पार्किंग, रखरखाव और नियमित जांच होगी। इसे लखनऊ मेट्रो के ट्रांसपोर्टनगर डिपो की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जो वर्तमान में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।
डिपो में अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। ट्रेनों के पहियों की देखरेख के लिए पिटव्हील लेथ मशीन, बोगियों को उठाने के लिए फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिटजैक व मोबाइल जैक मशीनें, बोगियों को एक ट्रैक से दूसरे पर स्थानांतरित करने के लिए टर्न टेबल, ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर और आपात स्थिति में री-रेलिंग एवं रेस्क्यू वाहन की व्यवस्था की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
बसंतकुंज डिपो को पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा। यहां सोलर पावर यूनिट स्थापित की जाएगी तथा जीरो डिस्चार्ज प्रणाली लागू होगी, जिससे गंदा पानी बाहर नहीं जाएगा। ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम के तहत ताजे और रीसाइकल पानी की अलग पाइपलाइन होंगी। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) के जरिए पानी को शुद्ध कर दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। जल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली भी स्थापित की जाएगी।
एलिवेटेड व अंडरग्राउंड स्टेशनों का काम भी तेज
बसंतकुंज से ठाकुरगंज तक पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है, जो पंद्रह दिन में फाइनल होने की संभावना है। इसके दो महीने बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं सात भूमिगत स्टेशनों के निर्माण के लिए डेढ़ महीने में टेंडर जारी किया जाएगा।
करीब 12 किलोमीटर लंबे इस सेकंड फेज में सात भूमिगत और पांच एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसे पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुशील कुमार, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बताया कि बसंतकुंज डिपो परियोजना सेकंड फेज का दूसरा बड़ा टेंडर है। इसके जारी होने से प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में तेजी आएगी और लखनऊ मेट्रो का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर मजबूती से आगे बढ़ेगा।





