नई दिल्ली| फुटबॉल जगत के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी के भारत दौरे की शुरुआत उम्मीदों और उत्साह के बीच हुई, लेकिन कोलकाता के युवाभारती (सॉल्ट लेक) स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम ने फैंस को निराशा और गुस्से में बदल दिया। महंगे टिकट खरीदकर पहुंचे हजारों दर्शकों को जब अपने पसंदीदा स्टार की एक झलक तक नसीब नहीं हुई, तो माहौल देखते ही देखते उग्र हो गया और स्टेडियम में जमकर हंगामा हुआ।
मेसी के भारत आगमन को लेकर कोलकाता एयरपोर्ट से लेकर स्टेडियम तक जबरदस्त उत्साह था। फैंस रात से ही एयरपोर्ट पर जुटे रहे और सॉल्ट लेक स्टेडियम में भी भारी भीड़ उमड़ी। लेकिन कार्यक्रम के दौरान मेसी के बेहद सीमित समय के लिए मैदान में आने और वीवीआईपी घेरे के बीच रहने से आम दर्शक उन्हें ठीक से देख नहीं सके। इसी बात से नाराज होकर फैंस ने मैदान के अंदर पानी की बोतलें और गैलरी की कुर्सियां तोड़कर फेंकनी शुरू कर दीं। हालात इतने बिगड़ गए कि बाड़ के गेट तोड़कर सैकड़ों लोग मैदान में घुस आए।
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई दर्शकों के घायल होने की खबर है। बावजूद इसके भीड़ को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका और सुरक्षा कारणों से मेसी को तय समय से पहले ही स्टेडियम से बाहर निकालना पड़ा। कार्यक्रम में शामिल होने जा रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी हालात बिगड़ने के चलते बीच रास्ते से ही लौट गईं।
गुस्साए फैंस का आरोप है कि मेसी करीब 10 मिनट के लिए ही मैदान में आए, वह भी नेताओं और वीवीआईपी लोगों से घिरे रहे। एएनआई से बात करते हुए एक दर्शक ने कहा कि यह इवेंट पूरी तरह बकवास था, मेसी ने न तो कोई किक मारी और न ही पेनाल्टी ली, जबकि दर्शकों से बड़े-बड़े वादे किए गए थे। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि खेल मंत्री अरूप बिस्वास और अन्य वीवीआईपी मेसी के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त रहे, जिससे आम दर्शक उन्हें देख ही नहीं पाए।
इस नाराजगी की एक बड़ी वजह टिकटों की ऊंची कीमत भी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस इवेंट के टिकट 5 हजार से लेकर 45 हजार रुपये तक में बिके थे। कई दर्शकों ने 10 से 12 हजार रुपये तो कुछ ने 45 हजार रुपये तक खर्च किए, लेकिन बदले में उन्हें अपने स्टार की झलक तक नहीं मिली। भारी रकम और भावनात्मक जुड़ाव के बावजूद निराशा हाथ लगने से फैंस का गुस्सा फूट पड़ा और कार्यक्रम अव्यवस्था का शिकार हो गया।





