नेशनल हाईवे दुरुस्त कराने व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रिफ्लेक्टिव टेप के निर्देश
फतेहगढ़ (फर्रुखाबाद): जनपद में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं (road accidents) को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में संसद-सदस्य सड़क सुरक्षा समिति (Members of Parliament Road Safety Committee) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुकेश राजपूत, सांसद लोकसभा ने की। बैठक में एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत ने सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में दिसंबर 2025 तक 50,769 सड़क दुर्घटनाओं में 27,205 लोगों की मौत हुई, जबकि 38,869 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2024 की तुलना में दुर्घटनाओं में 10.20 प्रतिशत, मृतकों में 12.80 प्रतिशत तथा घायलों की संख्या में 12.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
फर्रुखाबाद में हालात गंभीर
एआरटीओ ने बताया कि जनपद फर्रुखाबाद में दिसंबर 2025 तक 490 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 284 लोगों की मृत्यु तथा 379 लोग घायल हुए। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 390 दुर्घटनाएं, 213 मृतक और 301 घायल था। इस प्रकार जनपद में दुर्घटनाओं में 25.64 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की चिंताजनक वृद्धि हुई है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में हुई कुल दुर्घटनाओं में 64 प्रतिशत दोपहिया वाहन शामिल रहे, जबकि मृतकों में 62 प्रतिशत दोपहिया सवार थे। यह स्थिति सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाती है।
हिट एंड रन मामलों में भी बढ़ोतरी
दिसंबर 2025 तक जनपद में 109 हिट एंड रन दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 89 लोगों की मौत और 81 लोग घायल हुए। वर्ष 2024 में ऐसे 66 मामलों में 43 मौतें दर्ज की गई थीं।
प्रवर्तन कार्रवाई और सख्ती
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025 में—पुलिस विभाग द्वारा 46,958 चालान, 212 वाहन सीज, ₹20.53 लाख प्रशमन शुल्क वसूला गया।
परिवहन विभाग द्वारा 4,455 चालान, 1,066 वाहन बंद, ₹237.72 लाख प्रशमन शुल्क वसूला गया।
सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देश पर 281 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए।
अधिक दुर्घटनाओं को देखते हुए सांसद मुकेश राजपूत ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को नेशनल हाईवे शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही जमापुर, चाचूपुर, सेंट्रल जेल, मसेनी, रोहिला और धीरपुर चौराहों पर ब्लिंकर लाइट लगाने के निर्देश दिए गए।
शुकरुल्लापुर रेल ओवरब्रिज की खराब लाइट जल्द चालू कराने के भी आदेश दिए गए।
सांसद ने ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रिफ्लेक्टिव टेप लगवाने के निर्देश दिए, ताकि रात में दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एआरटीओ, क्षेत्राधिकारी यातायात और जिला पूर्ति अधिकारी संयुक्त रूप से पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल लेने वाले दोपहिया चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताते हुए सांसद ने इंटरसेप्टर वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन तेज रफ्तार वाहनों की स्पीड सहित स्वचालित फोटो लेकर चालान की कार्रवाई करेगा। बैठक में आरती सिंह (पुलिस अधीक्षक), विनोद कुमार गौड़ (सीडीओ), सीओ ट्रैफिक अभय कुमार वर्मा, सीएमओ डॉ. अवनीन्द्र कुमार, डीआईओएस नरेंद्र पाल सिंह, डीपीआरओ राजेश चौरसिया सहित अन्य अधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।


