पांचाल घाट तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई पुण्य की डुबकी
फर्रुखाबाद। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा तट स्थित मेला श्रीरामनगरिया में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पांचाल घाट तट पर तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया और पूरे दिन गंगा स्नान का सिलसिला चलता रहा। हर-हर गंगे के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और दीपदान किया। मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसी विश्वास के साथ जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीरामनगरिया मेले में पहुंचे।
माघ माह में संगम तट पर कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं के लिए माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। कल्पवासियों ने प्रातःकाल स्नान कर हवन, यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठान किए। साधु-संतों की मौजूदगी से घाट पर आध्यात्मिक माहौल बना रहा।
प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। घाट पर पुलिस बल, गोताखोर, स्वयंसेवक और चिकित्सा दल तैनात रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात नियंत्रण के विशेष प्रबंध किए गए, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह स्नान पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता नजर आया। गंगा तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि मेला श्रीरामनगरिया फर्रुखाबाद जनपद का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है।
श्रद्धालुओं का कहना था कि गंगा स्नान कर उन्हें आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई। माघ पूर्णिमा का यह पावन पर्व श्रद्धा, विश्वास और सनातन परंपराओं की सशक्त अभिव्यक्ति के रूप में यादगार बन गया।

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