फर्रुखाबाद। गंगा तट पर लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र में 10,000 से अधिक तंबुओं के साथ विशाल श्री रामनगरिया मेला चल रहा है। मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और सैकड़ों साधु-संत कल्पवास कर रहे हैं। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है और वे सुबह-सुबह ही मां गंगा में स्नान और पूजन कर दिन की शुरुआत करते हैं।
घने कोहरे के कारण तंबुओं का विशाल शहर धुंधला दिखाई दे रहा है, लेकिन कल्पवासियों की भक्ति और उत्साह कम नहीं हुआ है। बुजुर्ग और युवा, सभी सुबह चार बजे से ही गंगा तट पर पहुंचकर घंटों तक मां गंगा की आराधना करते हैं। सर्दी से बचाव के लिए कल्पवासी तंबुओं के पास अलाव जलाकर हाथ और शरीर को गर्म रखते हुए अपने धार्मिक कृत्यों में जुटे हैं।
मेला प्रशासन ने सुरक्षा, व्यवस्था और स्वच्छता के कड़े इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तंबुओं के बीच भंडारों का आयोजन किया गया है, जिसमें सभी को गर्म भोजन, पेय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद गंगा स्नान करने के बाद सर्दी का एहसास कम हो जाता है और आस्था से भरा दिन शुरू होता है।
कल्पवास कर रहे विभोर वैभव ने बताया कि “गंगा के पवित्र तट पर सुबह स्नान और पूजन करने से सर्दी गायब हो जाती है और शरीर व मन दोनों को शांति मिलती है।” मेले में दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में मां गंगा की आराधना कर रहे हैं।






