फर्रुखाबाद। सुप्रसिद्ध मेला रामनगरीय में आयोजित शांति महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को मानवता, प्रेम और सद्भाव के रंग में रंग दिया। इस अवसर पर विश्व विख्यात शांति संदेशवाहक डॉ. प्रेम रावत के विचारों से प्रेरित होकर हजारों की संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों ने भव्य शोभा यात्रा निकालकर शांति और मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
शोभा यात्रा मेला परिसर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां हाथों में तख्तियां, बैनर और शांति के संदेश लिए श्रद्धालु अनुशासन और उत्साह के साथ चलते नजर आए। “विश्व शांति”, “मानवता सर्वोपरि”, “प्रेम और सद्भाव” जैसे नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। यात्रा के दौरान कहीं भी अव्यवस्था नहीं दिखी और पूरे आयोजन में शांति व सौहार्द का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
शांति महोत्सव के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. प्रेम रावत का संदेश व्यक्ति के भीतर शांति खोजने और उसे समाज में फैलाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं शांत होता है, तभी समाज और राष्ट्र में स्थायी शांति संभव है। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की समान भागीदारी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक हैं, जब समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और मानव मूल्यों की सबसे अधिक जरूरत है। शांति महोत्सव के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि धर्म, जाति और वर्ग से ऊपर उठकर मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
मेला रामनगरीय में आयोजित यह शांति महोत्सव न केवल एक धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि मानवता और विश्व शांति के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा। शोभा यात्रा के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने शांति, सद्भाव और प्रेम को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

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