3 जनवरी से दिखेगा मिनी कुंभ का भव्य स्वरूप
फर्रुखाबाद| गंगा तट पर लगने वाले प्रसिद्ध मेला श्री रामनगरिया को लेकर धार्मिक माहौल बनना शुरू हो गया है। तीन जनवरी से आधिकारिक रूप से शुरू होने वाले इस मेले में शामिल होने के लिए साधु-संतों का आगमन लगातार जारी है। माघ महीने भर चलने वाले इस मेले को लेकर क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास और आस्था का वातावरण देखने को मिल रहा है।
गंगा किनारे साधना और अनुष्ठान करने वाले विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत यहां अपने शिविर स्थापित करने लगे हैं। बताया जा रहा है कि इस धार्मिक नगरी में आठ अखाड़ों के साधु-संत अपनी ध्वज-पताकाएं फहराएंगे। मेला अवधि के दौरान पूरे माघ माह में जहां साधु-संतों की तपस्या, योग और धार्मिक अनुष्ठान देखने को मिलेंगे, वहीं स्नान पर्वों पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और अद्भुत छटा देखने को मिलेगी।
श्री रामनगरिया मेला केवल फर्रुखाबाद या आसपास के जनपदों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों और दूसरे राज्यों से भी साधु-संत और श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में संत महात्मा आध्यात्मिक अनुष्ठान और साधना के उद्देश्य से यहां आ रहे हैं, जिनमें से कई अखाड़ों के साधु पहले ही मेले स्थल पर पहुंच चुके हैं।
प्रशासन की ओर से साधु-संतों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। पेयजल, बिजली, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मेला श्री रामनगरिया में पूरे माघ महीने तक धर्म, आस्था और सनातन परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा, जिसे लोग ‘मिनी कुंभ’ के रूप में भी देखते






