फर्रुखाबाद। मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध रामनगरिया मेला क्षेत्र में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। गंगा स्नान के साथ ही साधु-संतों की विशेष सक्रियता रही और दिनभर विभिन्न अखाड़ों व संत समाज की ओर से भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। इन शोभायात्राओं ने पूरे मेला परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
शोभायात्राओं में संत समाज के महंतों के साथ-साथ देश के विभिन्न कोनों से आए साधु-संतों ने सहभागिता की। यात्रा के दौरान साधु-संतों ने अपने पारंपरिक करतबों, योग साधना और शौर्य प्रदर्शन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से सभी शोभायात्राओं का भव्य स्वागत किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने संतों का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया तथा पुष्पवर्षा कर सम्मान प्रकट किया।
510 जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरी महाराज के निर्देशन में निकाली गई शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यह भव्य यात्रा सीढ़ी नंबर चार के पास से प्रारंभ होकर मेला परिसर का भ्रमण करती हुई प्रशासनिक पंडाल के पास पहुंची। यहां उपस्थित अधिकारियों व जिम्मेदारों ने संत समाज का स्वागत-अभिनंदन किया। घंटे-घड़ियाल और शंख-नाद की गूंज के बीच निकली इस यात्रा में साधु समाज के लोगों ने विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व साहसिक करतबों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में साधु-संत, कल्पवासी, विभिन्न संस्थाओं के समाजसेवी, भजन मंडलियां और श्रद्धालु शामिल रहे। पूरे मार्ग पर “हर-हर महादेव” और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह फूल बरसाकर संतों का स्वागत किया।
इसके अलावा तैल भाई खालसा तथा अखिल भारतीय पांच झरिया निर्मोही अखाड़ा की शोभायात्राएं भी पूरे विधि-विधान और पारंपरिक गरिमा के साथ निकाली गईं। इन यात्राओं में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक उल्लास का अनुभव किया। मेला रामनगरिया में निकली इन शोभायात्राओं ने मकर संक्रांति पर्व की भव्यता को और अधिक बढ़ा दिया तथा श्रद्धालुओं के मन में आस्था और भक्ति की गहरी छाप छोड़ी।



