वैदिक संस्कृति के संरक्षण पर दिया गया जोर
फर्रुखाबाद। गंगा तट पर आयोजित मेला रामनगरिया के सांस्कृतिक पंडाल में बुधवार को गंगा, गाय और वैदिक संस्कृति विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। संगोष्ठी का आयोजन सात्विक आयुर्वेद संस्कृति सेवा संस्थान के बैनर तले किया गया, जिसमें संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने अपने आध्यात्मिक एवं प्रेरक वक्तव्य से उपस्थित जनसमूह को प्रभावित किया। संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर राज्य मंत्री का आयोजकों एवं मेला प्रशासन द्वारा माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि गंगा, गाय और वैदिक संस्कृति का आपस में गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि गंगा देश की अर्थव्यवस्था और भाग्यरेखा है, जबकि गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। गंगा, गीता, गाय और गायत्री से ही वैदिक संस्कृति का निर्माण होता है।
विशिष्ट अतिथि विपिन शुक्ला ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए गंगा, गाय और वैदिक संस्कृति का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सनातन की सुरक्षा ही समाज का मूल उद्देश्य होना चाहिए।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारत की साझा संस्कृति वैदिक संस्कृति की देन है। ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ की भावना पर आधारित वैदिक संस्कृति सदैव आचरण योग्य रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कल्पवासी, समाजसेवी, संत-महात्मा एवं आध्यात्मिक जन उपस्थित रहे। इस दौरान गाय से निर्मित उत्पाद जैसे फिनायल, क्लीनर, उपले, धूपबत्ती आदि अतिथियों को भेंट किए गए।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार, क्षेत्राधिकारी अमरपाल सिंह, अपर जिलाधिकारी मेला संजय मिश्रा, सत्यगिरि महाराज सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।





