कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित घर-घर वाहन देखभाल नेटवर्क बनाने की पहल
देहरादून। तेजी से उभर रही वाहन संरक्षण स्टार्टअप कंपनी डिटेलिंग स्टोरीज़ ने अपने महत्वाकांक्षी ‘मेगा पार्टनर कार्यक्रम’ की घोषणा की है। वर्ष 2022 में उद्यमी सौरभ चौधरी द्वारा स्थापित यह कंपनी अब देशभर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित घर-घर वाहन देखभाल सेवाओं का विस्तृत नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कंपनी का उद्देश्य भारत के असंगठित वाहन देखभाल क्षेत्र को सुव्यवस्थित, तकनीक-संचालित और विस्तार योग्य व्यवसाय मॉडल में परिवर्तित करना है। यह पहल कलर्स मार्केटिंग के उद्यमी तंत्र के अंतर्गत संचालित हो रही है।
चार करोड़ से अधिक पंजीकृत वाहन, बढ़ती मांग का बड़ा अवसर
भारत में इस समय चार करोड़ से अधिक पंजीकृत वाहन हैं। शहरीकरण, बढ़ती आय और वाहन स्वामित्व में वृद्धि के कारण पेशेवर वाहन धुलाई, सज्जा और संरक्षण सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
परंपरागत वाहन सज्जा केंद्र खोलने के लिए 10 लाख से 50 लाख रुपये तक का निवेश, भवन किराया, विद्युत व्यय और अन्य ढांचागत खर्च आवश्यक होते हैं, जिससे छोटे उद्यमियों के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश कठिन हो जाता है।
डिटेलिंग स्टोरीज़ ने इस चुनौती का समाधान घर-घर सेवा आधारित, ढांचा-मुक्त मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया है, जिसमें सेवाएं सीधे ग्राहक के घर, कार्यालय या आवासीय परिसर में प्रदान की जाती हैं।
मेगा पार्टनर कार्यक्रम एक मिश्रित सेवा मॉडल पर आधारित है, जिसमें शामिल हैं—नियमित घर-घर वाहन धुलाई (निरंतर आय का स्रोत)
उच्च लाभांश वाली सेवाएं जैसे सिरेमिक परत चढ़ाना,
आंतरिक सज्जा एवं गहन सफाई,
उन्नत वाहन संरक्षण उपचार,
इस संरचना से साझेदारों को नियमित आय के साथ प्रीमियम सेवाओं के माध्यम से अतिरिक्त लाभ अर्जित करने का अवसर मिलता है।
मेगा पार्टनर बनने के लिए 2,49,000 रुपये का एक बार का रणनीतिक निवेश आवश्यक है। इसमें शामिल हैं—ब्रांड उपयोग का अधिकार,पेशेवर चलित सज्जा उपकरण,प्रारंभिक उपभोग्य सामग्री,तकनीकी एवं संचालन प्रशिक्षण,सतत कार्यात्मक सहयोग, वहीं कंपनी के अनुमान के अनुसार संभावित वित्तीय औसत मासिक आय लगभग 1.33 लाख रुपये से प्रारंभ हो सकती है।
संभावित मासिक शुद्ध लाभ 40,000 से 83,000 रुपये या अधिक भी होने की उम्मीद है साथ ही लागत वसूली अवधि लगभग 4 से 5 माह,भवन, किराया अथवा स्थायी ढांचे का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं बताया गया।
कंपनी ने अपने संचालन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता समर्थित प्रणालियां शामिल की हैं, जिनमें—
संदेश सेवा मंचों के माध्यम से स्वचालित बुकिंग,ग्राहकों के लिए उपयुक्त सेवाओं की बुद्धिमान अनुशंसा,ग्राहक बनाए रखने की स्वचालित प्रणाली प्रमुख हैं।
केंद्रीकृत ग्राहक प्रबंधन प्रणाली द्वारा तात्कालिक प्रदर्शन निगरानी
इन तकनीकी सुविधाओं से साझेदारों को ग्राहक प्रबंधन, विपणन और विस्तार में सहायता मिलती है।
मेगा पार्टनर कार्यक्रम में शामिल उद्यमियों को विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण, विपणन सहायता और मानकीकृत संचालन प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाती है।
प्रत्येक साझेदार को एक निर्धारित विशेष कार्य क्षेत्र प्रदान किया जाता है, जिससे वह अपने क्षेत्र में सेवा गुणवत्ता बनाए रखते हुए व्यवसाय का विस्तार कर सके।
कंपनी का दावा है कि प्रारंभिक 90 दिनों के भीतर संचालन को स्थिर किया जा सकता है।
डिटेलिंग स्टोरीज़ महानगरों, प्रथम और द्वितीय श्रेणी के शहरों तथा उभरते शहरी क्षेत्रों में चरणबद्ध विस्तार की योजना पर कार्य कर रही है।
यह मॉडल एकल इकाई से बहु-क्षेत्रीय संचालक बनने तक की संभावनाएं प्रदान करता है, जिससे दीर्घकालिक व्यवसाय वृद्धि और आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित हो सके।
संस्थापक सौरभ चौधरी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य कम निवेश में अधिक परिणाम देने वाला विस्तार योग्य मॉडल विकसित करना है, ताकि देशभर के उद्यमी तकनीक और ब्रांड की शक्ति के साथ लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय स्थापित कर सकें।
डिटेलिंग स्टोरीज़ की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित घर-घर सेवा मॉडल के माध्यम से प्रीमियम वाहन सज्जा, संरक्षण और सौंदर्य संवर्धन सेवाएं प्रदान करती है।
मेगा पार्टनर कार्यक्रम के माध्यम से कंपनी का लक्ष्य भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम बुद्धिमत्ता संचालित घर-घर वाहन देखभाल नेटवर्क स्थापित करना है।






